New Delhi News: भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने रखा। वैश्विक नेताओं के औपचारिक स्वागत के समय बैकग्राउंड में तमिलनाडु के ऐतिहासिक रामनाथस्वामी मंदिर की भव्य तस्वीर लगाई गई थी, जिसका पौराणिक और ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत विशेष महत्व है।
विश्व नेताओं का स्वागत और मंदिर का ऐतिहासिक परिचय
प्रधानमंत्री ने चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इंडोनेशियाई राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो और अन्य नेताओं का स्वागत किया। सभी नेताओं ने रामनाथस्वामी मंदिर की तस्वीर के सामने हाथ मिलाकर फोटो खिंचवाई। इस दौरान पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति को भगवान राम की विजय और भगवान शिव की पूजा से जुड़े इस पावन स्थल की महत्ता समझाई।
रामेश्वरम स्थित रामनाथस्वामी मंदिर चार धामों में शामिल एकमात्र ऐसा तीर्थ है जो भगवान शिव को समर्पित है, जबकि अन्य तीन धाम भगवान विष्णु से जुड़े हैं। इसके अलावा, यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से दक्षिण भारत का अकेला ज्योतिर्लिंग है, जो शैव और वैष्णव दोनों परंपराओं के श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है।