Pithoragarh News: पिथौरागढ़ के चिमिस्यानौला निवासी आनंद सिंह कार्की और उनके भाई भूपेंद्र सिंह कार्की के लिए विदेश में नौकरी का सपना 97 दिनों में भयानक अनुभव में बदल गया। बेहतर भविष्य और पारिवारिक स्थिति सुधारने रूस गए दोनों भाइयों के साथ वहां भारी धोखाधड़ी हुई।
दोनों भाइयों का आरोप है कि उन्हें रोजगार दिलाने का झांसा देकर एक एजेंट ने करीब आठ लाख रुपये ऐंठ लिए। रूस पहुंचने पर न तो तय नौकरी मिली और न ही वादा किया गया वेतन दिया गया। उनसे बेहद कठिन परिस्थितियों में काम कराया गया और वेतन में कटौती की गई।
पीड़ित भाइयों के अनुसार ठगी करने वाला एजेंट दक्षिण अफ्रीका का रहने वाला था। आनंद कार्की ने बताया कि हर महीने 50 हजार रुपये सैलरी देने का वादा किया गया था। रूस पहुंचने पर 20 हजार देने की बात कही गई, लेकिन यह रकम भी पूरी नहीं दी गई।
रूस में करीब तीन महीने रहने के दौरान उन्हें सिर्फ तीन बार में कुल 17,500 रुपये ही दिए गए। इसके अलावा एजेंट पुलिस से बचाने के नाम पर 3500 रुपये, सामान गिरने पर 1200 रुपये और बस के नाम पर 5000 रुपये काट लेता था। इससे उनके हाथ खाली रहे।
रूस में फंसे दोनों भाई 11 अगस्त की देर शाम सकुशल अपने घर पहुंच गए। घर लौटने पर परिजनों और स्थानीय नेताओं ने राहत की सांस ली। भाजपा नेता रामदेव वर्मा ने दोनों भाइयों की सुरक्षित घर वापसी के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया है।
आनंद ने बताया कि वहां ट्रैवल कंपनी के परमानेंट कर्मचारियों को 70 से 90 हजार रुपये तक सैलरी और व्हीकल फैसिलिटी मिलती थी, लेकिन उनके साथ धोखा हुआ। मां मीरा कार्की ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर आठ लाख रुपये जुटाए थे। उन्होंने मुख्यमंत्री से ठगी की रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है।