वोट बचाओ-देश बचाओ रैली: खरगे ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान पहुंचने का किया आह्वान, रखीं तीन प्रमुख मांगें

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New Delhi News: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने नागरिकों से 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ – देश बचाओ’ रैली में शामिल होने की अपील की। साथ ही सीईसी के इस्तीफे और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार और भारतीय चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए देश भर के नागरिकों से 1 नवंबर को नई दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ – देश बचाओ’ रैली में शामिल होने का आह्वान किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपनी अपील साझा करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता दमन और डिजिटल अनियमितताओं के मामलों के बीच सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रही है।

आरटीआई खुलासों और मतदाता सूची में गड़बड़ी का लगाया आरोप

कांग्रेस अध्यक्ष ने हालिया जांच निष्कर्षों और सूचना का अधिकार (आरटीआई) के जवाबों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब आरटीआई के जरिए विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) में प्रयुक्त सॉफ्टवेयर के बारे में ब्योरा मांगा गया, तो चुनाव आयोग ने ‘व्यापारिक गोपनीयता’ का हवाला देकर जानकारी देने से मना कर दिया।

खरगे ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में 16.18 लाख फॉर्म-6 आवेदनों का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। इसके अलावा पीलीभीत में 10,470 मतदाताओं के रिकॉर्ड में विसंगतियां सामने आईं, जिसके कारण पूरे राज्य में फॉर्म 6, 7 और 8 की जांच के आदेश देने पड़े।

विपक्षी गठबंधन की तीन प्रमुख मांगें

मल्लिकार्जुन खरगे ने भाजपा और चुनाव आयोग के बीच मिलीभगत का आरोप लगाते हुए विपक्षी गठबंधन की तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं:

  1. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल अपने पद से इस्तीफा दें और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून को पूरी तरह से रद्द किया जाए।
  2. विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की प्रक्रिया और संबंधित सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल पर तत्काल रोक लगाई जाए। साथ ही मतदाता सूची से हटाए गए सभी वैध मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं।
  3. भविष्य के सभी चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के बजाय पूरी तरह से पेपर बैलेट के माध्यम से कराए जाएं।

1 नवंबर को दिल्ली में विशाल जन मार्च का आह्वान

खरगे ने इस आंदोलन को चुनावी विवाद से परे व्यापक संवैधानिक अभियान बताते हुए कहा कि यह केवल वोटों की रक्षा की बात नहीं है, बल्कि संविधान और लोकतंत्र को बचाने का जन-आंदोलन है। उन्होंने देश के नागरिकों से अपील की कि वे 1 नवंबर को दिल्ली पहुंचकर रामलीला मैदान में आयोजित विशाल जन मार्च और रैली का हिस्सा बनें।

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