Nadia News: तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में सरकारी सर्किट हाउस से जबरन बाहर निकाले जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भी इस याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया है।
देर रात सर्किट हाउस से बाहर निकालने का आरोप
महुआ मोइत्रा के वकील ने चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जायमाल्य बागची और वी. मोहना की विशेष बेंच के समक्ष मामला उठाया। उन्होंने अदालत को बताया कि कृष्णानगर संसदीय क्षेत्र में देर रात यह घटना हुई। सांसद को विधिवत कमरा अलॉट होने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने उन्हें वहां से बाहर निकाल दिया।
सांसद के वकील ने अदालत से इस पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने दलील दी कि यह घटना तब हुई जब हाई कोर्ट पहले ही उनकी सुरक्षा के आदेश जारी कर चुका था। उन्होंने कहा कि इसमें महत्वपूर्ण संवैधानिक मुद्दा शामिल है, इसलिए इस पर तत्काल सुनवाई की जाए।
14 अगस्त की रात विरोध और नारेबाजी का दावा
महुआ मोइत्रा ने 14 अगस्त की रात सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया था कि सर्किट हाउस के बाहर भारी भीड़ जुट गई थी। उनके कमरे से हटने से इनकार करने पर लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए थे। उन्होंने प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही बरतने और परेशान करने का आरोप लगाया था।