Jaipur News: भारत में जेनरेशन जेड यानी ‘Gen Z’ की चर्चा के बीच राजस्थान कैडर के युवा आईपीएस अधिकारी अभिजीत पाटील अपनी आधुनिक कार्यशैली के कारण सुर्खियों में हैं। वर्ष 1999 में जन्मे अभिजीत राजस्थान पुलिस के सबसे कम उम्र के अधिकारियों में से एक हैं।
वर्तमान में वे चूरू जिले में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स के चीफ और राजगढ़ में एएसपी के पद पर तैनात हैं। अपनी पहली फील्ड पोस्टिंग के दौरान उन्होंने आधुनिक तकनीकों और NATGRID सॉफ्टवेयर का उपयोग करके कई खतरनाक गैंगस्टरों को पकड़ा है और नशे की तस्करी पर रोक लगाई है।
बिना किसी कोचिंग के 8 महीने की पढ़ाई में पास की UPSC परीक्षा
महाराष्ट्र के ठाणे में 11 जून 1999 को जन्मे अभिजीत पाटील ने सिविल और एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में बीटेक किया है। कॉलेज के अंतिम वर्ष में उन्होंने बिना किसी कोचिंग संस्थान की मदद लिए सेल्फ स्टडी और इंटरनेट के माध्यम से यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी।
अभिजीत ने केवल 8 महीनों तक रोजाना लगभग 8 घंटे लगन से पढ़ाई की। उन्होंने अपनी बीटेक की डिग्री हाथ में आने से पहले ही यूपीएससी प्रीलिम्स परीक्षा पास कर ली थी। उनकी यह उपलब्धि साबित करती है कि सही रणनीति से बिना संसाधनों के भी सफलता पाई जा सकती है।
UPSC 2022 में हासिल की 470वीं रैंक, युवाओं के लिए बने मिसाल
अभिजीत पाटील ने ओबीसी वर्ग के तहत यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2022 में ऑल इंडिया 470वीं रैंक हासिल की। उन्होंने मुख्य परीक्षा में 772 अंक और इंटरव्यू में 180 अंक प्राप्त किए। इस शानदार सफलता के साथ ही वे महज 22 साल की उम्र में आईपीएस अफसर बन गए।
हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी से प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें राजस्थान कैडर मिला। अभिजीत की यह प्रेरक कहानी देश के उन लाखों युवाओं के लिए एक बड़ी मिसाल है, जो कम उम्र में बड़े सपने पूरा करने का जज्बा रखते हैं।