त्रिलोक कपूर का कांग्रेस पर हमला, कहा- एसआईआर मतदाता सूची शुद्धिकरण की सामान्य और संवैधानिक प्रक्रिया

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Baijnath News: भाजपा प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने को लेकर कांग्रेस पार्टी पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एसआईआर मतदाता सूची की जांच और शुद्धिकरण की एक पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसे आजादी के बाद से देश में कई बार अपनाया जा चुका है।

एसआईआर प्रक्रिया और संवैधानिक अधिकार

त्रिलोक कपूर ने स्पष्ट किया कि एसआईआर के माध्यम से अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं की पहचान की जाती है, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को मतदाता सूचियों की समीक्षा करने का पूरा संवैधानिक अधिकार प्राप्त है और इस प्रक्रिया को राजनीतिक चश्मे के बजाय संवैधानिक व्यवस्था के रूप में देखा जाना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने पालमपुर नगर निगम चुनाव का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वहां मतदाताओं की संख्या बढ़ाने के लिए सुनियोजित प्रयास किए थे। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में पालमपुर के कुछ वरिष्ठ नागरिकों ने संविधान का हवाला देते हुए प्रदेश चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है और मतदाता सूची की अनियमितताओं पर निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल का दिया हवाला

भाजपा नेता ने कांग्रेस के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि देश में मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया कोई नई नहीं है। उनके अनुसार, पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में तीन बार, इंदिरा गांधी के कार्यकाल में दो बार और राजीव गांधी के कार्यकाल में भी यह प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है। ऐसे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में एसआईआर को लेकर कांग्रेस पार्टी द्वारा सवाल उठाना पूरी तरह अनुचित है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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