ऑपरेशन में पेट में छूटा सर्जिकल स्पंज, जिला उपभोक्ता आयोग ने बद्दी के अस्पताल पर लगाया 5.12 लाख रुपये का जुर्माना

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Solan News: जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने बद्दी के मल्होत्रा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को चिकित्सकीय लापरवाही का दोषी पाया है। आयोग ने अस्पताल के डॉक्टरों को पीड़ित को 5,12,026 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इसके अलावा 9 प्रतिशत ब्याज और 15 हजार रुपये केस खर्च भी देना होगा।

यह फैसला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष हेमांशु मिश्रा और सदस्य नारायण ठाकुर की पीठ ने सुनाया है। मामला साल 2019 का है। डलहौजी के रहने वाले राकेश कुमार पेट दर्द के इलाज के लिए बद्दी के अस्पताल में भर्ती हुए थे। जांच में पित्ताशय की पथरी पाए जाने पर सर्जरी की गई थी।

ऑपरेशन के बाद मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। लगभग एक साल बाद मरीज को दोबारा पेट दर्द की समस्या शुरू हो गई। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट करवाने पर इसे साधारण गैस की बीमारी बताया गया। हालांकि पठानकोट में हुए अल्ट्रासाउंड में पेट के भीतर सर्जिकल स्पंज होने की बात सामने आई।

इसके बाद मरीज ने पंचकूला के एक अस्पताल में दोबारा ऑपरेशन करवाकर पेट से सर्जिकल स्पंज निकलवाया। पंचकूला अस्पताल के डॉक्टर कुलदीप धवन ने आयोग के सामने बयान दिया कि पुरानी सर्जरी के दौरान ही स्पंज पेट में छूट गया था। इस बयान के आधार पर आयोग ने लापरवाही को सही माना।

आयोग ने चार प्रमुख आधारों पर रिकॉर्ड की जांच की और माना कि इलाज में लापरवाही हुई है। आयोग ने कहा कि डॉक्टर मरीज की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार थे, लेकिन स्पंज छोड़ना गंभीर लापरवाही है। पीड़ित ने इलाज खर्च के लिए 6.52 लाख और मानसिक कष्ट के लिए 3 लाख रुपये मांगे थे।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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