Solan News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले की नालागढ़ तहसील स्थित लूणा गांव के सीआईएसएफ सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह की जम्मू-कश्मीर के कठुआ में गोली लगने से मृत्यु हो गई। 29 सितंबर की शाम हुई इस दुखद घटना में लक्ष्मण सिंह सहित चार जवानों की जान चली गई। उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंच चुका है।
कठुआ हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर हुई अंधाधुंध गोलीबारी
सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह कठुआ जिले के बसोहली क्षेत्र में एक हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट पर सुरक्षा में तैनात थे। आरोप है कि क्विक रिएक्शन टीम के हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह ने अपनी सर्विस राइफल से अचानक 18 राउंड गोलियां चला दीं। इस अप्रत्याशित हमले से पूरे कैंप में अफरा-तफरी मच गई।
गोलीबारी में सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह, असिस्टेंट कमांडेंट अंकित कुमार पांडे, कांस्टेबल रफीक अहमद और कांस्टेबल संदीप कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सभी को तुरंत चंबा के खैरी स्थित एनएचपीसी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद चारों जवानों को मृत घोषित कर दिया था।
परिवार के इकलौते बेटे थे शहीद लक्ष्मण सिंह
ग्रामवासियों के अनुसार लक्ष्मण सिंह अपने परिवार के इकलौते बेटे थे और उनके बुजुर्ग माता-पिता गांव में अकेले रहते हैं। नाजुक स्वास्थ्य और पारिवारिक स्थिति को देखते हुए परिजनों को तुरंत घटना की पूरी जानकारी नहीं दी गई थी। उपायुक्त मनमोहन शर्मा ने पूरे मामले की आधिकारिक पुष्टि की है।
शहीद जवान की पत्नी और उनके दो छोटे बच्चे उनके साथ ही कठुआ में रहते थे। शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। प्रशासन की देखरेख में गुरुवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।