Solan News: बघाट बैंक का कर्ज लेकर उसे न चुकाने वाले डिफाल्टरों के खिलाफ सोलन पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। शुक्रवार को पुलिस ने 7 ऋण डिफाल्टरों को गिरफ्तार कर एआरसीएस अदालत में पेश किया। जेल जाने के डर से डिफाल्टरों ने तुरंत ही कर्ज की कुछ राशि मौके पर जमा करवा दी।
आरोपियों द्वारा शेष राशि का जल्द भुगतान करने का लिखित आश्वासन देने के बाद फिलहाल उनके गिरफ्तारी वारंट निलंबित कर दिए गए हैं। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद डिफाल्टर जेल जाने से बच गए। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बकाया भुगतान न करने वाले किसी भी डिफाल्टर को बख्शा नहीं जाएगा।
दो दिनों में 10 डिफाल्टर गिरफ्तार, गारंटरों पर भी कसेगा शिकंजा
पिछले दो दिनों में सोलन पुलिस ने 7 मामलों से जुड़े कुल 10 डिफाल्टरों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के दबाव में आकर डिफाल्टरों ने अब तक करीब 27 लाख रुपये नकद जमा करवाए हैं। इसके अलावा 7 लाख रुपये के पोस्ट-डेटेड चैक दिए हैं, जो अगले 10 दिनों में कैश हो जाएंगे।
पुलिस की इस कार्रवाई से केवल कर्ज लेने वाले ही नहीं, बल्कि उनकी गारंटी देने वाले गारंटरों पर भी शिकंजा कसने लगा है। कर्ज के समय गारंटी देने वाले लोगों को भी अब इस कानूनी प्रक्रिया में परेशानी झेलनी पड़ रही है। पुलिस आने वाले दिनों में और सख्त कदम उठाने की तैयारी कर रही है।
115 डिफाल्टरों के वारंट जारी, अन्य जिलों में भी बढ़ेगा पुलिस दबाव
एआरसीएस सोलन ने लगभग 10 दिन पहले 115 डिफाल्टरों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे। यह सभी आरोपी सोलन के अलावा बद्दी, सिरमौर, कांगड़ा, ऊना और शिमला जिले से भी संबंधित हैं। प्रदेश सरकार द्वारा मामले का कड़ा संज्ञान लेने के बाद अब अन्य जिलों की पुलिस पर भी दबाव बढ़ रहा है।
सरकार बघाट बैंक को संकट से उबारने के लिए लगातार कड़े कदम उठा रही है। सरकार ने बैंक के निदेशक मंडल (बीओडी) को निलंबित कर तीन नए प्रशासक नियुक्त किए हैं। ये प्रशासक बैंक की शेयर पूंजी को 22 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 47 करोड़ रुपये तक ले जाने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रहे हैं।
अधिकारियों ने की 27 लाख रुपये की नकद रिकवरी की पुष्टि
बैंक के एनपीए को कम करने की रणनीति के तहत ही डिफाल्टरों पर यह गिरफ्तारी का दबाव बनाया जा रहा है। एआरसीएस सोलन गिरीश नड्डा ने बताया कि पुलिस द्वारा पेश किए गए सभी 7 डिफाल्टरों ने मौके पर कुछ बकाया राशि जमा की है और बाकी का जल्द भुगतान करने का वादा किया है।
उन्होंने पुष्टि की है कि इस कड़ी कार्रवाई के बाद अब तक 27 लाख रुपये की नकद रिकवरी हो चुकी है, जबकि 7 लाख रुपये के चैक प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि शेयर होल्डर्स और खाताधारकों के सहयोग से बैंक को दोबारा पूरी तरह वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के प्रयास जारी हैं।