Solan News: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से कालका-शिमला रेलमार्ग पर टकसाल और गुम्मन स्टेशनों के बीच पुल नंबर 57 का ट्रैक फिर क्षतिग्रस्त हो गया है। वहां किया गया मरम्मत का काम तेज बहाव में बह गया। रेलवे विभाग को इससे काफी नुकसान पहुंचा है।
बारिश के बाद पटरी के ठीक नीचे गहरी खाई बन गई है। निर्माण सामग्री पहुंचाने के लिए रेलवे ने सेक्टर-छह से बैकहो लोडर की मदद से एक अस्थाई रास्ता तैयार किया था। हालांकि पिछले दो दिनों से हो रही वर्षा ने सारी तैयारियों पर पूरी तरह पानी फेर दिया।
मरम्मत स्थल पर लगाई गई क्रेट वाल, मिट्टी का बड़ा हिस्सा और सारी सामग्री पानी में बह गई। इस वजह से अब रेल ट्रैक को दोबारा चालू करने में रेलवे को काफी समय लग सकता है। कालका से सीधी रेल सेवा बहाल होने का इंतजार कर रहे यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है।
बता दें कि रेलवे प्रशासन ने शुक्रवार से ही धर्मपुर से शिमला के बीच टॉय ट्रेन का संचालन शुरू किया था। लेकिन अब कालका से ट्रेनों की पूरी बहाली में और वक्त लगना तय माना जा रहा है। पर्यटक और स्थानीय यात्री लगातार रेल सेवा सामान्य होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
दूसरी तरफ नालागढ़ के रामशहर मार्ग पर स्थित चिकनी खड्ड में तीन दिन पहले बनी कृत्रिम झील ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी मलबे के कारण पानी की निकासी सही ढंग से नहीं हो पा रही है। प्रशासन की कोशिशों के बावजूद वहां हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।
स्थानीय प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अगर क्षेत्र में दोबारा तेज बारिश होती है तो निचले इलाकों में पानी भरने और भारी तबाही का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को भी संवेदनशील जगहों से दूर रहने की सख्त सलाह दी गई है।
