Shimla News: पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ठियोग में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में प्रदेश की सुक्खू सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पंचायत चुनावों में अपनी हार का पहले से अंदेशा था, इसलिए चुनाव टालने के लिए आपदा कानून का सहारा लिया गया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से चुनाव संभव हुए।
जयराम ठाकुर ने दावा किया कि पंचायत चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को सत्ता से बाहर करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व भाजपा सरकार के समय ठियोग में खुले जनहित के संस्थानों को राजनीतिक दुर्भावना के चलते बंद किया गया और जनता से झूठे वादे किए गए।
मंत्रियों और मुख्यमंत्री के बीच खींचतान का आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पंचायत चुनावों में शिकस्त के बाद मुख्यमंत्री अपनी नाकामी का ठीकरा कैबिनेट मंत्रियों पर फोड़ रहे हैं, जबकि मंत्री उनके कार्यशैली को हार का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ मंत्री नेतृत्व बदलने के लिए हाईकमान पर दबाव बना रहे हैं, जिससे सरकार में भारी अविश्वास का माहौल है।
आपदा राहत राशि में गड़बड़ी और संगठन विस्तार का मुद्दा
उधर, भाजपा प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने पूह मंडल बैठक में कहा कि युवा, कर्मचारी और बागवान मौजूदा व्यवस्था से परेशान हैं और सत्ता परिवर्तन तय है। वहीं विधायक त्रिलोक जमवाल ने आरोप लगाया कि 2,006 करोड़ रुपये की आपदा पुनर्निर्माण योजना में कई जगह बिना वास्तविक कार्य किए फर्जी बिलों के भुगतान की शिकायतें मिली हैं।