Shimla News: आईजीएमसी के डॉक्टरों ने अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया है। यह विशेष अध्ययन सर्जरी के दौरान मरीजों में ब्रेन प्रेशर बढ़ने और एनेस्थीसिया के असर से जुड़ा है। न्यूरो एनेस्थीसिया और सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों की इस उपलब्धि से संस्थान का नाम वैश्विक स्तर पर रोशन हुआ है।
न्यूरो एनेस्थीसिया विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुणाल शर्मा के साथ सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. अशोक कौंडल और डॉ. सुनील शर्मा ने 11 सितंबर को यह शोध पत्र प्रस्तुत किया। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय प्रस्तुति के लिए डॉ. कुणाल शर्मा को विशेष ट्रैवल ग्रांट भी प्रदान की थी।
पित्त की थैली की सर्जरी और ब्रेन प्रेशर पर शोध
विशेषज्ञों का यह शोध गॉल ब्लैडर यानी पित्त की थैली के ऑपरेशन के दौरान मरीजों के दिमाग में दबाव बढ़ने की स्थिति पर आधारित है। अध्ययन में सामने आया कि ब्रेन प्रेशर बढ़ने के कारण मरीजों को एनेस्थीसिया के असर से बाहर आने में सामान्य से अधिक समय लग जाता है।
यह महत्वपूर्ण अध्ययन सर्जरी के दौरान मरीजों को सही समय पर सुरक्षित तरीके से होश में लाने की प्रक्रियाओं को बेहतर बनाएगा। संस्थान के डॉक्टरों की यह लगातार दूसरी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि है। इससे पहले पिछले साल भी इन डॉक्टरों ने अमेरिका के अटलांटा शहर में अपना शोध प्रस्तुत कर वैश्विक सराहना हासिल की थी।