Shimla News: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के बार-बार होने वाले तबादलों पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मात्र 12 साल की सेवा में 11 बार तबादला झेल चुके कर्मचारी की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार से पूरा रिकॉर्ड तलब किया है। इसके साथ ही मौजूदा ट्रांसफर आर्डर पर रोक लगा दी गई है।
दो महीने में ही कर दिया गया था नया तबादला
न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की एकल पीठ ने कर्मचारी सन्नी शर्मा द्वारा दायर याचिका पर यह स्थगन आदेश पारित किया। अदालत को अवगत कराया गया कि याचिकाकर्ता ने अपने मौजूदा तैनाती स्थल पर महज दो महीने ही पूरे किए थे। इतने कम समय में दोबारा तबादला आदेश जारी करना प्रशासनिक नियमों के खिलाफ है।
याचिकाकर्ता को न तो वर्तमान पद से कार्यमुक्त किया गया था और न ही उसने कार्यभार सौंपा था। दूसरी ओर, प्रतिवादी कर्मचारी ने भी संबंधित पद पर जॉइनिंग नहीं दी थी। अदालत ने संज्ञान लिया कि पूरी प्रक्रिया लंबित होने के कारण 11 सितंबर 2023 की ट्रांसफर नोटिफिकेशन को आगामी आदेशों तक स्थगित रखा जाए।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से तलब किया मूल रिकॉर्ड
हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को आधिकारिक नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता और प्रतिवादी दोनों कर्मचारियों के स्थानांतरण से संबंधित पूरा मूल प्रशासनिक रिकॉर्ड पेश किया जाए। मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर की तिथि निर्धारित की गई है।