Shimla News: शिमला में फोरलेन टनल निर्माण के विरोध में स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। टनल प्रभावित मंच के बैनर तले ढली से एक जन आक्रोश रैली निकाली गई। लोगों ने मकानों में दरारें आने और रिहायशी क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई और काम रोकने की मांग की।
शुक्रवार को आयोजित प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी। उन्होंने मांग की कि रिहायशी इलाकों के नीचे से टनल का निर्माण तत्काल प्रभाव से रोका जाए। समाधान न होने पर स्थानीय लोगों ने उग्र आंदोलन और अनशन शुरू करने की बात कही है।
निवासियों का कहना है कि टनल निर्माण और ब्लास्टिंग के कारण उनके घरों में बड़ी दरारें आ रही हैं। इस स्थिति से पूरे इलाके में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। लोगों ने आशंका जताई कि काम जारी रहने से इमारतों को भारी नुकसान पहुंचेगा।
सिमिट्री और संजौली के नीचे प्रस्तावित टनल का विरोध
पार्षद एवं मंच के अध्यक्ष नरेंद्र ठाकुर ने बताया कि पहले भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर भट्टाकुफर-छकरायल-ढली मार्ग के पुराने सर्वे के आधार पर काम की मांग की गई थी। उन्होंने सिमिट्री और संजौली के नीचे प्रस्तावित ट्विन टनल का विरोध किया।
नरेंद्र ठाकुर के अनुसार टनल के ऊपर लगभग 500 से 600 मकान स्थित हैं, जिनमें दरारें आ रही हैं। लोगों ने निर्माण कंपनी और प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। ठाकुर ने चेतावनी दी कि यदि काम नहीं रुका तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
