Jamnagar News: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत को अमेरिका का बेहद खास रणनीतिक साझीदार बताया है। उन्होंने कहा कि मित्र देशों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने से पहले उनकी ऊर्जा जरूरतों को समझना जरूरी है। यह बयान ऐसे समय आया जब राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी तेल पर लगे कड़े प्रतिबंध टाल दिए हैं।
राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर संभावित टैरिफ को 60 दिनों के लिए रोक दिया है। यह कदम ग्राहम रूस और ईरान प्रतिबंध अधिनियम के तहत उठाया गया है। इस रोक का मुख्य मकसद वैश्विक बाजार और अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंधों के असर की समीक्षा करना है।
भारत की ऊर्जा जरूरतों को समझना जरूरी
मार्को रूबियो 18 से 22 अक्टूबर तक भारत यात्रा पर रहेंगे और जामनगर स्थित बड़ी तेल रिफाइनरी का दौरा करेंगे। उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी ऊर्जा आपूर्ति में विविधता लाने की कोशिश की है। बड़ी आबादी और भारी औद्योगिक जरूरतों के कारण भारत के लिए रूस से कच्चा तेल लेना बेहद जरूरी है।
वैश्विक ऊर्जा संकट और बदलता भू-राजनीतिक परिदृश्य
अमेरिकी विदेश मंत्री के अनुसार लाल सागर में हूती विद्रोहियों के हमलों और रूस-यूक्रेन संघर्ष ने ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। होर्मुज में बढ़ते तनाव से कच्चे तेल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। इन्हीं वैश्विक संकटों को देखते हुए अमेरिका को अपनी व्यापार नीतियों में जरूरी लचीलापन दिखाना पड़ा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने संसद को भेजे संदेश में साफ कहा कि यह अस्थायी राहत अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। इस फैसले से भारत और चीन जैसे बड़े आयातक देशों पर लगने वाले 100 प्रतिशत आयात शुल्क पर फिलहाल रोक लग गई है। यह कदम दोनों देशों के रणनीतिक संबंधों को मजबूती देगा।
