Kangra News: चौधरी सरवण कुमार हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, पालमपुर ने पशु चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में दो बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धियां हासिल की हैं। बेंगलुरु के आईसीएआर-निवेदी में आयोजित विबकॉन-2026 अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रोफेसर डॉ. सुभाष वर्मा को आईएसवीआईबी फेलोशिप और पीएचडी शोधार्थी डॉ. शिवानी बरसैन को सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार मिला।
डॉ. सुभाष वर्मा पशु चिकित्सा सूक्ष्मजीव विज्ञान के प्रोफेसर हैं। वह पशु चिकित्सा परजीवी विज्ञान और पशु आनुवंशिकी विभागों के प्रमुख भी हैं। देश भर से इस प्रतिष्ठित फेलोशिप के लिए चुने गए केवल दो वैज्ञानिकों में डॉ. वर्मा शामिल हैं। उन्हें पशु चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए यह सम्मान मिला।
अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में पशु स्वास्थ्य और जैव प्रौद्योगिकी विषय पर देश-विदेश के लगभग 400 वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों और शोधकर्ताओं ने भाग लिया। इस वैश्विक मंच पर डॉ. सुभाष वर्मा ने एंटीबायोटिक्स से आगे ब्रुसेलोसिस के प्रबंधन में पादप-रसायन और बैक्टीरियोफेज के उपयोग विषय पर अपना मुख्य व्याख्यान प्रस्तुत किया।
विश्वविद्यालय की पीएचडी शोधार्थी डॉ. शिवानी बरसैन ने रोगाणुरोधी प्रतिरोध की गंभीर चुनौती पर अपना शोध प्रस्तुत किया। उन्हें बहुऔषधि-प्रतिरोधी स्टैफिलोकोकस ऑरियस के खिलाफ पौधों से प्राप्त जैव-सक्रिय अणुओं से औषधि खोज पर प्रस्तुत उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ पोस्टर पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस दोहरी सफलता पर पशु चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. पंकज सूद और सूक्ष्मजीव विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. राजेश चहोता ने दोनों वैज्ञानिकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों से विश्वविद्यालय का नाम देश भर में रोशन हुआ है और अन्य शोधकर्ताओं को प्रेरणा मिलेगी।
