Nurpur News: हिमाचल प्रदेश के पुलिस जिला नूरपुर ने नशे के खिलाफ अभियान तेज करते हुए तस्करों के आर्थिक नेटवर्क पर चोट की है। इंदौरा थाना के तहत दर्ज 2017 के एनडीपीएस मामले में आरोपी परिवार की 1.01 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति फ्रीज की गई है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्म चंद वर्मा ने बताया कि छन्नी गांव की निवासी दलवीरो और उसके परिवार की तीन संपत्तियों को अस्थायी रूप से फ्रीज किया गया है। इसमें दलवीरो की 61.96 लाख की कोठी, बेटे मिथुन की 32.60 लाख की संपत्ति और बेटी घरो देवी के नाम दर्ज 6.98 लाख की कार शामिल है।
जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इन संपत्तियों को बनाने के लिए पैसा कहां से आया था। पुलिस को शक है कि यह पूरी संपत्ति नशे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई है। अदालत ने दलवीरो को 1 अप्रैल 2025 को 10 साल की सजा और एक लाख का जुर्माना सुनाया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार दलवीरो पर 5 और उसके बेटे मिथुन उर्फ छप्पर के खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। संपत्तियों की जांच के लिए पुलिस ने राजस्व, वाहन पंजीकरण, आयकर और लोक निर्माण विभाग के सरकारी दस्तावेजों का गहराई से अध्ययन किया है ताकि अवैध कमाई का सच सामने आ सके।
एएसपी धर्म चंद वर्मा ने साफ किया कि नूरपुर पुलिस की कार्रवाई सिर्फ नशीले पदार्थों की जब्ती तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस अब बैंक खातों के लेनदेन और सहयोगियों के नाम पर खरीदी गई संपत्तियों की भी पड़ताल कर रही है। नशे के पैसे को वैध बनाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।