हिमाचल में बर्फबारी और बारिश से बढ़ी ठंड, साच पास बंद होने के बाद मौसम विभाग ने जारी किया शुष्क मौसम का पूर्वानुमान

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Shimla News: हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में ताजा बर्फबारी और तेज बारिश के बाद तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। चंबा के प्रसिद्ध साच पास पर एक फुट बर्फ जमने से रास्ता बंद हो गया है। प्रशासन ने लोगों से वहां न जाने की अपील की है।

ताजा बर्फबारी के चलते लाहौल-स्पीति और किन्नौर में शीतलहर का असर देखने को मिल रहा है। हालांकि, मंगलवार को अधिकांश इलाकों में धूप खिलने से राहत मिली। मौसम विभाग ने 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना जताई है।

बारिश और बर्फबारी के कारण राज्य का औसत न्यूनतम तापमान 0.9 डिग्री नीचे चला गया है। केलांग में न्यूनतम तापमान 4.1 डिग्री, ताबो में 4.3 डिग्री और कुकुमसेरी में 4.6 डिग्री दर्ज हुआ। कुफरी में 9.7 डिग्री और शिमला में 11.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

पिछले 24 घंटों में शिमला के जुब्बड़हट्टी में सबसे अधिक 64.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। घमरूर में 42.2 मिमी, कसौली में 38 मिमी और सोलन में 26.8 मिमी बारिश हुई। हमीरपुर के नेरी में 37 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून की वापसी रेखा इस समय गुरदासपुर और चंडीगढ़ से गुजर रही है। हिमाचल प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई की घोषणा होना अभी बाकी है। आगामी दिनों में शुष्क मौसम के पूर्वानुमान के साथ मानसून की विदाई तय मानी जा रही है।

मानसून सीजन के दौरान हादसों में 373 लोगों की मौत हुई है और 623 घायल हुए हैं। भूस्खलन और हादसों के कारण करीब 3,220 करोड़ रुपये का नुकसान दर्ज हुआ है। लोक निर्माण विभाग की सड़कों और पुलों को लगभग 2,744 करोड़ रुपये की क्षति पहुंची है।

भूस्खलन के कारण प्रदेश में 61 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हैं। मंडी में 28 और कांगड़ा में छह सड़कें प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा 126 बिजली ट्रांसफार्मर और छह प्रमुख पेयजल योजनाएं ठप होने से आम जनता को परेशानी हो रही है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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