Shimla News: हिमाचल प्रदेश के बेबाक नेता और पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन के बाद प्रदेश की राजनीति का एक बहुचर्चित अध्याय फिर चर्चा में आ गया है। वर्ष 2007 में उनके द्वारा जारी किया गया ऑडियो सीडी प्रकरण आज भी लोगों की यादों में ताजा है।
मई 2007 में मेजर मनकोटिया को शिमला में एक गुप्त सूचना और ऑडियो कैसेट मिली थी। उन्होंने इसमें तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और अधिकारी मोहिंदर लाल की आवाज होने का दावा किया। इसमें औद्योगिक परियोजनाओं में पैसों के कथित लेन-देन की बातचीत का मामला सामने आया था।
जांच एजेंसियों ने इस मामले को गंभीरता से लिया और दंपति के खिलाफ केस दर्ज किया। वर्ष 2012 में शिमला की विशेष अदालत ने वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के तहत आरोप तय किए थे। उस समय अभियोजन पक्ष ने पर्याप्त सबूत होने की बात कही थी।
नवंबर 2012 में गवाही के दौरान केस ने नया मोड़ ले लिया। मनकोटिया ने सीडी सार्वजनिक करने की बात मानी, लेकिन आवाज की पहचान पर उनकी गवाही से अभियोजन कमजोर पड़ा। अन्य गवाह भी आरोपों की पुष्टि नहीं कर सके। नतीजतन 24 दिसंबर 2012 को अदालत ने सभी को बरी कर दिया।
मेजर मनकोटिया और वीरभद्र सिंह के बीच राजनीतिक मतभेद हमेशा सार्वजनिक रहे। बाद में मनकोटिया बीजेपी में शामिल हो गए थे। साल 2024 में सेना ने उन्हें चीफ ऑफ द आर्मी वेटर्न अचीवर अवॉर्ड दिया। सैनिक पृष्ठभूमि से आए मनकोटिया 5 बार विधायक और 2 बार मंत्री रहे।