Delhi News: अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसी ई-कॉमर्स वेबसाइट्स से खरीदारी करने वाले ग्राहकों का शॉपिंग एक्सपीरियंस अब पूरी तरह बदलने वाला है। केंद्र सरकार ने कंज्यूमर प्रोटेक्शन ई-कॉमर्स रूल्स 2020 में व्यापक संशोधन किए हैं। इन नए प्रावधानों का मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन बाजार में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्राहकों को भ्रामक विज्ञापनों से बचाना है।
30 दिनों की न्यूनतम कीमत और सर्च रिजल्ट की पारदर्शिता
यह संशोधित नियम 1 जनवरी 2027 से देशभर में प्रभावी होंगे। नए नियमों के अनुसार अब कंपनियों को भारी छूट दिखाते समय पिछले 30 दिनों में रही उस सामान की सबसे कम कीमत भी दर्शानी होगी। इससे खरीदार यह जान सकेंगे कि डिस्काउंट वास्तविक है या केवल ग्राहकों को लुभाने के लिए पुरानी कीमत बढ़ाकर दिखाई गई है।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स अब सर्च रिजल्ट में मनमानी हेरफेर नहीं कर सकेंगे। उन्हें यूजर्स की सर्च के अनुसार सबसे प्रासंगिक उत्पाद पहले दिखाने होंगे। इसके साथ ही, विज्ञापनों और सामान्य सर्च रिजल्ट में अंतर स्पष्ट करने के लिए पेड या स्पॉन्सर्ड प्रोडक्ट्स पर अलग से स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
डार्क पैटर्न पर रोक और बिना सहमति डेटा उपयोग पर पाबंदी
ग्राहकों को अनचाहे फैसले लेने के लिए मजबूर करने वाली भ्रामक डिजाइनों यानी डार्क पैटर्न पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। ई-कॉमर्स कंपनियों को हर साल अपने प्लेटफॉर्म की आंतरिक जांच कर अनुपालन प्रमाण पत्र जारी करना होगा। साथ ही शिकायत दर्ज कराने पर ग्राहक को शिकायत की आधिकारिक प्रति और नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन से जोड़ना जरूरी होगा।
कंपनियां अब लेनदेन से असंबद्ध अतिरिक्त शुल्क नहीं वसूल सकेंगी। विदेशी सामानों पर आयातक का नाम और मूल देश का उल्लेख अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ग्राहकों की स्पष्ट अनुमति के बिना उनके व्यक्तिगत डेटा का इस्तेमाल किसी भी व्यावसायिक उद्देश्य के लिए नहीं कर सकेंगे, जिससे गोपनीयता सुरक्षित रहेगी।