Dharamshala News: हिमाचल प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। शाहपुर विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे मनकोटिया चार दशकों तक राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में सक्रिय रहे। उनका जाना प्रदेश के लिए एक बड़ी राजनीतिक क्षति माना जा रहा है।
राजनीतिक करियर की शुरुआत में वह साल 1982 में पहली बार शाहपुर से निर्दलीय विधायक चुनकर आए थे। इसके बाद साल 1985 में वह कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने साल 1995 में मनकोटिया को अपनी कैबिनेट में शामिल किया, जहां उन्होंने मंत्री पद का कार्यभार संभाला।
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ उनके रिश्ते काफी खट्टे-मीठे रहे और दोनों के बीच हमेशा छत्तीस का आंकड़ा बना रहा। मनकोटिया ने वीरभद्र सिंह पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। इस दौरान चर्चित सीडी कांड भी सामने आया, जिसने लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में भारी हलचल मचाई रखी थी।
अपने चार दशक लंबे सफर में उन्होंने कई राजनीतिक दलों का रुख किया। साल 2007 का विधानसभा चुनाव उन्होंने बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वे फिर कांग्रेस में लौटे और 2012 का चुनाव लड़ा, हालांकि वहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद कांग्रेस सरकार ने उन्हें हिमाचल टूरिज्म बोर्ड का उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। साल 2017 में कांग्रेस द्वारा केवल सिंह पठानिया को उम्मीदवार बनाए जाने पर मनकोटिया ने बगावत कर दी। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और बाद में भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया, जिससे राजनीतिक गलियारों में काफी चर्चा रही।