Kinnaur News: हिमाचल प्रदेश के रामपुर स्थित विशेष पोक्सो कोर्ट ने नाबालिगों के प्रति हुए अपराधों पर कड़ा रुख दिखाया है। अदालत ने दो अलग-अलग मामलों की सुनवाई करते हुए दोनों दोषियों को 20-20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने दोनों ही मामलों में पीड़ितों की ओर से मजबूत पैरवी की।
बीमार बच्ची से दुराचार करने वाले आरोपी को सजा
पहले मामले में अदालत ने नेपाल निवासी राम बहादुर को 20 वर्ष की कैद और 5 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी। पीड़िता दिल की बीमारी के इलाज के लिए अपनी मां के साथ रिकांगपिओ आई थी। जब मां काम की तलाश में बाहर गई, तब नशे में धुत आरोपी ने पानी भरने गई बच्ची को कमरे में खींच लिया।
पीड़िता ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी के फोन से तुरंत अपनी मां को सूचना दी। मां ने फौरन अपने परिचित को वहां भेजा, जिसने मौके पर पहुंचकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस जांच अधिकारी भरत सिंह ने जांच पूरी कर चालान पेश किया। अदालत में 20 गवाहों के बयानों के आधार पर दोष सिद्ध हुआ।
नाबालिग बेटी का शोषण करने वाले पिता को जेल
दूसरे मामले में अदालत ने रिश्तों को तार-तार करने वाले एक कलयुगी पिता को कड़ी सजा सुनाई। यह व्यक्ति पिछले दो-तीन वर्षों से अपनी ही नाबालिग बेटी का शारीरिक शोषण कर रहा था। अदालत ने इस संवेदनशील अपराध पर सख्त संदेश देते हुए दोषी पिता को 20 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी।