Kangra News: हिमाचल प्रदेश के गगल स्थित कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। महाल भेड़ी क्षेत्र में अधिग्रहित जमीन का मालिकाना हक आधिकारिक तौर पर पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग को हस्तांतरित कर दिया गया है। इसके साथ ही प्रशासन ने जमीन पर कब्जा लेने की तैयारी शुरू कर दी है।
पर्यटन विभाग ने अधिग्रहित जमीन पर सार्वजनिक नोटिस लगाकर स्पष्ट चेतावनी दी है। विभाग ने कहा है कि सरकारी जमीन पर कोई भी अनधिकृत गतिविधि या अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं होगा। बिना अनुमति क्षेत्र में प्रवेश करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जमीन पर जल्द तारबंदी कराई जाएगी।
सात मुहालों का नामांतरण पूरा, बाकी पर काम जारी
जिला पर्यटन अधिकारी विनय धीमान के अनुसार परियोजना के लिए कुल 13 मुहालों की भूमि प्रक्रिया में शामिल है। इनमें से सात मुहालों का नामांतरण विभाग के नाम हो चुका है, जबकि बाकी हिस्सों की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस परियोजना से कांगड़ा और शाहपुर क्षेत्र की आठ पंचायतों के 14 राजस्व गांव प्रभावित हो रहे हैं।
विस्तारीकरण के लिए 2,580 करोड़ रुपये के भू-मुआवजे का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा सरकारी जमीन पर कारोबार करने वाले 113 गैर-भूस्वामी परिवारों के लिए 16.76 करोड़ रुपये का राहत पैकेज मंजूर हुआ है। परियोजना पूरी होने पर हवाई पट्टी 1,376 मीटर से बढ़कर 3,010 मीटर हो जाएगी, जिससे बड़े विमान उतर सकेंगे।