मंडी सांसद कंगना रनौत का दिशा बैठक में अधिकारियों पर फूटा गुस्सा, जानिए 11 करोड़ के फंड विवाद की पूरी सच्चाई

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Mandi News: हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से बीजेपी सांसद कंगना रनौत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। ‘जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति’ (दिशा) की बैठक में कंगना ने अधिकारियों पर विकास कार्यों में लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अफसरों को आलसी और अक्षम तक कह डाला।

सांसद की नाराजगी की मुख्य वजह सांसद निधि (एमपीलैड्स) के 11 करोड़ रुपये के फंड से होने वाले विकास कार्यों की धीमी रफ्तार थी। कंगना ने दावा किया कि 11 करोड़ में से आधी रकम का इस्तेमाल ही नहीं हुआ और कई लोग पैसे लेकर चले गए। उन्होंने प्रशासन से इस राशि की तुरंत वसूली करने की मांग की।

हालांकि सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के लिए मिले 11 करोड़ में से मंडी जिले में 237 कार्यों के लिए 5.12 करोड़ रुपये मंजूर हुए थे। इनमें से 3.22 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पूरे संसदीय क्षेत्र में पूरे हुए 74 कामों में से 68 काम मंडी जिले में पूरे हो चुके हैं।

बैठक में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वीकार किया कि कुछ कामों में ढिलाई हो सकती है। लेकिन उन्होंने साल 2025 में हिमाचल में आई प्राकृतिक आपदाओं का हवाला भी दिया। अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा के कारण विकास कार्यों की गति प्रभावित हुई है, जिससे प्रोजेक्ट्स समय पर पूरे नहीं हो पाए।

बैठक में मौजूद बीजेपी विधायकों इंदर सिंह गांधी और दिलीप ठाकुर ने कंगना के गुस्से का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अधिकारी पिछली दो बैठकों की तरह इस बार भी वही पुराने जवाब दे रहे थे। इसके अलावा विधायकों ने विधायक निधि में हुई कटौती पर भी चिंता जताई।

बीजेपी के राज्य नेतृत्व ने इस मुद्दे पर नपी-तुली प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि अन्य सांसद भी अधिकारियों के साथ बैठकें कर फंड के मुद्दे उठाते हैं। कंगना रनौत की बॉलीवुड बैकग्राउंड और उनके तीखे अंदाज की वजह से यह मामला ज्यादा चर्चा में आ गया है।

हिमाचल प्रदेश ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सांसद के व्यवहार और भाषा पर कड़ी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन के अध्यक्ष जी.सी. पाठक ने कहा कि यह घटना अभूतपूर्व थी। उन्होंने कहा कि समीक्षा बैठकें प्रशासनिक तथ्यों और मर्यादा के साथ होनी चाहिए ताकि अधिकारियों का मनोबल न गिरे।

लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग कानून और प्रशासनिक व्यवस्था में विश्वास रखते हैं, वे अधिकारियों पर चिल्लाने का काम नहीं करते। राजनीतिक हलकों में कंगना रनौत के इस कदम की लगातार चर्चा हो रही है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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