Shimla News: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर दो अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश की सभी 3,758 पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन होगा। इसी दिन से प्रदेश भर में तीन माह तक चलने वाले रिफार्म उत्सव की औपचारिक शुरुआत होगी। इस उत्सव के तहत गांवों में विभिन्न विकासात्मक और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।
स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन और नशा मुक्ति पर होगा मंथन
पंचायती राज विभाग ने इस विशेष आयोजन का एजेंडा जारी कर सभी अधिकारियों को बैठकों में मौजूद रहने का आदेश दिया है। सभाओं में ठोस और तरल कचरा प्रबंधन, खुले में कचरा रोकने और सार्वजनिक स्थानों की नियमित सफाई पर गंभीर चर्चा होगी। इसके साथ ही स्वच्छता कार्यों की विस्तृत समीक्षा कर नई कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से फैलते नशे पर रोक लगाने के लिए भी विशेष रणनीति बनेगी। पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण और अधिकारी मिलकर युवाओं को नशे से दूर रखने के उपायों पर विचार करेंगे। गांव स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाकर नशा मुक्ति अभियान को गति देने पर जोर दिया जाएगा ताकि भावी पीढ़ी को बचाया जा सके।
ग्रामीणों के सुझावों से बनेगी ग्राम पंचायत विकास योजना
विशेष ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के प्रस्तावों पर मुख्य रूप से मंथन होगा। ग्रामीण अपनी जरूरतों के अनुसार पेयजल, पक्की सड़कें, नालियां और सामुदायिक भवन जैसे आवश्यक विकास कार्यों के सुझाव सीधे दर्ज करवा सकेंगे। वर्ष 2015 से चल रही योजनाओं के कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की जाएगी।
विभाग ने पंचायत सचिवों को समय रहते सूचना प्रसारित कर अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम सभाओं में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे ताकि लोग अपनी समस्याएं सीधे उनके समक्ष रख सकें। पूरी बैठक की आधिकारिक कार्यवाही और पारित सभी महत्वपूर्ण फैसलों का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा।