Shimla News: हिमाचल प्रदेश में नए जिलों के गठन और प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन की कसरत जल्द शुरू होने जा रही है। जिलों के साथ उपमंडल, तहसील, उपतहसील और विकास खंडों के विलय या विभाजन की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष सेवानिवृत्त जज धर्म चंद चौधरी और सदस्य विशाल पंवर ने शनिवार को पदभार संभाल लिया है।
दोनों अधिकारियों ने राज्य सचिवालय में सामान्य प्रशासनिक विभाग में अपनी जॉइनिंग दी। हालांकि आयोग का आधिकारिक दफ्तर अभी स्थापित नहीं हुआ है, इसलिए दोनों ने नवरात्र के शुभ अवसर पर औपचारिक पदभार संभाला। इस कसरत से राज्य के प्रशासनिक नक्शे में बड़े बदलाव की उम्मीद है।
आयोग को आगामी छह महीने के भीतर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। रिपोर्ट आने के बाद ही राज्य के प्रशासनिक ढांचे में संभावित बदलावों की तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी। पुनर्गठन आयोग का मुख्य दफ्तर राजधानी शिमला में स्थापित किया जाएगा। सामान्य प्रशासनिक विभाग आयोग को काम के लिए जरूरी दफ्तर, स्टाफ, गाड़ियां और अन्य सुविधाएं मुहैया कराएगा।
प्रशासनिक जरूरतों और जनसंख्या के आधार पर समीक्षा करेगा आयोग
आयोग राज्य की प्रशासनिक जरूरतों, कुल जनसंख्या, भौगोलिक स्थितियों और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर पूरी व्यवस्था की गहराई से समीक्षा करेगा। इस पूरी प्रक्रिया में राजस्व विभाग और संबंधित जिलों के डिप्टी कमिश्नर की भूमिका सबसे अहम रहने वाली है।
राज्य सरकार आयोग को जरूरी दस्तावेज और जनसंख्या से जुड़े आंकड़े उपलब्ध कराएगी। इन जानकारियों और आंकड़ों के अध्ययन के बाद ही तय होगा कि किन क्षेत्रों में नई प्रशासनिक इकाइयों की सख्त जरूरत है और कहां मौजूदा व्यवस्था में बदलाव किए जा सकते हैं।
