Chamba News: हिमाचल प्रदेश के चम्बा जिले की जीवनरेखा कहे जाने वाले चम्बा-भरमौर नेशनल हाईवे के पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद अब परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इस परियोजना के पूरा होने से पठानकोट से भरमौर के बीच यात्रा का समय लगभग एक घंटा कम हो जाएगा।
परियोजना के अंतर्गत मार्ग के खतरनाक तथा तीखे मोड़ों को खत्म करने के लिए पुरानी अलाइनमेंट में जरूरी बदलाव किया जाएगा। सफर को सुगम बनाने के लिए हाईवे पर टनल यानी सुरंगों, नए पुलों और एलिवेटेड रास्तों का निर्माण होगा। इन बदलावों से पहाड़ियों पर यात्रा काफी सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी।
पठानकोट से भरमौर की मौजूदा दूरी 172 किलोमीटर है, जो इस नई योजना के बाद करीब 30 किलोमीटर कम हो जाएगी। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 3000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार ने इस काम को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दोनों सड़कों का प्राथमिक जमीनी कार्य इसी साल से शुरू होगा।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सदस्य और भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने बताया कि पठानकोट-चम्बा-भरमौर के साथ सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण चम्बा-किलाड़ मार्ग को भी केंद्र से स्वीकृति मिल चुकी है। इन दोनों प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण के लिए भारत सरकार ने जरूरी बजट मंजूर कर दिया है।
डीपीआर का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। नई टनल और एलिवेटेड रास्तों के बनने से मणिमहेश यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं, स्थानीय जनजातीय निवासियों और पर्यटकों को भूस्खलन और लंबे जाम की समस्या से पक्की राहत मिलेगी। हर्ष महाजन खुद इस प्रोजेक्ट की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।
सड़क मार्ग के साथ-साथ जिले में हवाई सुविधाओं के विस्तार के लिए भी केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। सांसद ने जानकारी दी कि चम्बा हेलिपैड के निर्माण के लिए केंद्र ने 13 करोड़ रुपये का प्रविधान किया है। उन्होंने भरोसा दिया कि तय समयसीमा के अंदर सभी बड़े प्रोजेक्ट पूरे किए जाएंगे।
