Chennai News: ट्रेनों और स्टेशनों पर लाउडस्पीकर पर वीडियो देखने वाले यात्रियों के खिलाफ रेलवे ने कड़े कदम उठाए हैं। दक्षिण रेलवे ने चेतावनी जारी कर सह-यात्रियों को परेशान करने वालों पर कड़ा जुर्माना तय किया है। नियम तोड़ने वाले मुसाफिरों को अब ट्रेन और स्टेशन से बाहर भी निकाला जा सकता है।
जन विश्वास अधिनियम के तहत संशोधित रेलवे एक्ट लागू कर दिया गया है। यात्रा के दौरान मोबाइल पर तेज आवाज में रील चलाने या शोर मचाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। टीटीई और वाणिज्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर ही चालान काटने के पूरे अधिकार मिल गए हैं।
नियम तोड़ने पर पांच हजार का जुर्माना और जेल
रेलवे अधिकारियों के निर्देश के बावजूद यदि कोई यात्री मनमानी करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। ऐसे यात्रियों पर पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें छह महीने की जेल की सजा भी भुगतनी पड़ सकती है या दोनों दंड हो सकते हैं।
स्मार्टफोन और सस्ते इंटरनेट के कारण ट्रेनों में तेज आवाज में वीडियो देखना बड़ी समस्या बन चुका है। इससे आसपास बैठे मुसाफिरों के सफर में भारी खलल पड़ता है। यात्रियों की इसी असुविधा को खत्म करने के लिए दक्षिण रेलवे ने अपने सभी मंडलों को सख्त निर्देश जारी किए हैं।
मेट्रो और अन्य रेलवे जोन में भी होगी सख्ती
अधिकारियों के मुताबिक यह कड़ा नियम जल्द ही देश के दूसरे जोनों और मेट्रो रेल नेटवर्क में भी लागू किया जा सकता है। मेट्रो में पहले से ही साथी यात्रियों को परेशान करने वालों को बाहर निकालने का नियम है। सफर को सुरक्षित और शांत बनाना रेलवे की पहली प्राथमिकता है।
कार्रवाई के साथ स्टेशनों पर यात्रियों को जागरूक करने के लिए लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। यह अभियान हिंदी, अंग्रेजी और स्थानीय भाषाओं के साउंड सिस्टम से चलाया जा रहा है। मुसाफिरों से अपील की जा रही है कि वे ईयरफोन का इस्तेमाल करें और सफर में शांति बनाए रखें।
