Shimla News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने किन्नौर जिले की पोवारी पंचायत के उस फैसले पर रोक लगा दी है, जिसमें किन्नौर कैलाश यात्रा पर स्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया गया था। अदालत ने स्पष्ट किया कि पंचायत के पास इस धार्मिक यात्रा को रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
पंचायत के पास यात्रा रोकने का अधिकार नहीं: हाई कोर्ट
न्यायाधीश ज्योत्स्ना रिवाल दुआ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि एक पंचायत के पास सदियों पुरानी इस यात्रा को रोकने की क्षमता नहीं है। यात्रा का संचालन राज्य सरकार और प्रशासन की समिति द्वारा तय प्रोटोकॉल के तहत होता है। पंचायत किसी पंजीकृत समिति को भंग नहीं कर सकती।
अदालत ने जिला प्रशासन और अधिकारियों को सुरक्षा नियमों के साथ यात्रा जारी रखने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने पोवारी पंचायत को यात्रा में कोई भी बाधा न डालने के लिए पाबंद किया। किन्नौर कैलाश यात्रा 1 जुलाई से शुरू हो चुकी है और 30 जुलाई तक जारी रहेगी।
पोवारी पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर लगाया था बैन
कोर्ट ने प्रतिवादियों को अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को होगी। पोवारी पंचायत ने 13 जुलाई 2026 को प्रस्ताव पारित किया था। ग्राम सभा की बैठक में 112 लोगों ने यात्रा का विरोध किया था, जबकि 62 लोग समर्थन में थे।
बहुमत का हवाला देकर पंचायत ने यात्रा को हमेशा के लिए रोकने का फैसला लिया था। इसके साथ ही आयोजक संस्था ‘श्री प्रकाशंकरा किन्नर कैलाश यात्रा सोसायटी’ को भी भंग कर दिया था। अब हाई कोर्ट के आदेश के बाद यात्रा बिना रुकावट जारी रहेगी।