Hamirpur News: आर्थिक चुनौतियों के बावजूद हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को देखते हुए उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में देखा जा रहा है। हाल ही में हमीरपुर दौरे के दौरान 27 अक्तूबर का दिन स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ।
हमीरपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और नए कॉलेज
पिछले 12 वर्षों से लंबित पड़े डॉ. राधाकृष्णन मेडिकल कॉलेज के अकादमिक ब्लॉक के लोकार्पण के साथ ही उत्तर भारत के पहले सरकारी एलाइड एंड हेल्थकेयर कॉलेज का हमीरपुर में शुभारंभ किया गया है। इस कॉलेज में चार नए पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं, जिनके लिए 210 सीटें उपलब्ध कराई गई हैं, जिसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश के लिए पीजी की 320 सीटें मंजूर कराई गई हैं।
एमबीबीएस स्टाइपेंड और बॉन्ड नियमों में छूट पर विचार
राज्य सरकार वित्तीय कठिनाइयों के बावजूद एमबीबीएस छात्रों के स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। इसके साथ ही, स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे चिकित्सकों के बॉन्ड संबंधी प्रावधानों में भी छूट देने पर विचार किया जा रहा है, जिससे राज्य में डॉक्टरों की उपलब्धता और बेहतर हो सकेगी। सरकार ने नर्सिंग और रेडियोग्राफर प्रशिक्षण की सीटों में भी बढ़ोतरी की है।
स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हिमाचल को स्वास्थ्य के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाना है, ताकि आगामी 10 वर्षों में देश के अन्य हिस्सों से भी लोग उपचार के लिए यहां आएं। प्रदेश में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर कदम उठाए जा रहे हैं।