क्लॉथ मार्केट चुंगी से सिरसा चुंगी तक 6 लेन होगी सड़क, 43.35 करोड़ रुपये की परियोजना को मिली प्रशासनिक मंजूरी

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Hisar News: क्लॉथ मार्केट चुंगी चौक से सिरसा चुंगी तक मौजूदा चार लेन सड़क को छह लेन किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 43 करोड़ 35 लाख 48 हजार रुपये की प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। सड़क चौड़ीकरण से सिविल अस्पताल के आसपास लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी और कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

सिविल अस्पताल मार्ग पर आवागमन करने वाले वाहन चालकों को जल्द ही ट्रैफिक जाम से राहत मिलने वाली है। क्लॉथ मार्केट चुंगी चौक से लेकर सिरसा चुंगी तक की मौजूदा चार लेन सड़क को छह लेन में अपग्रेड करने की योजना को प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 43 करोड़ 35 लाख 48 हजार रुपये की लागत आएगी।

इस सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से मार्ग की वाहन वहन क्षमता बढ़ेगी और शहर में यातायात सुगम हो सकेगा।

कई विभागों की जमीन होगी शामिल

वर्तमान में सिरसा रोड पर फोरलेन व्यवस्था लागू है, जिसके चलते व्यस्त समय में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। सड़क को सिक्स लेन करने के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) और मार्केट कमेटी सहित विभिन्न विभागों की जमीन को अधिग्रहित कर परियोजना में शामिल किया जाएगा। इस विस्तार से सिविल अस्पताल के आसपास और मुख्य मार्ग पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम से स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों को स्थायी निजात मिलेगी।

आधारभूत ढांचे को मिलेगी मजबूती

हरियाणा के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि राज्य सरकार सड़क तंत्र को बेहतर और आधुनिक बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पुराने दिल्ली रोड का यह उन्नयन शहरी विकास की दृष्टि से एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि सड़क को छह लेन बनाने से वाहन चालकों का समय बचेगा, आवागमन सुविधाजनक होगा और शहर की आंतरिक कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी।

सड़क चौड़ीकरण के साथ पेड़ों का संरक्षण बड़ी चुनौती

परियोजना के क्रियान्वयन के दौरान मार्ग पर मौजूद पुराने और छायादार पेड़ों को बचाना प्रशासन व कार्यदायी एजेंसी के लिए एक बड़ी चुनौती रहेगा। वर्तमान में वाहन साइड से निकल जाते हैं, लेकिन सिक्स लेन निर्माण के दौरान हरियाली की सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक होगा। ये पुराने पेड़ मार्ग पर चलने वाले यात्रियों और स्थानीय पर्यावरण के लिए बेहद उपयोगी हैं, इसलिए निर्माण के साथ-साथ इनके संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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