धर्मशाला में कचरे के ढेर और दुर्गंध से परेशान लोग, नगर निगम जल्द लीगेसी वेस्ट हटाने का कर रहा दावा

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Dharamshala News: पर्यटन नगरी धर्मशाला के प्रवेश द्वार पर स्थित डंपिंग साइट पर कचरे का पहाड़ स्थानीय लोगों और सैलानियों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। सुधेड़ और बस स्टैंड के आसपास के क्षेत्रों में फैलने वाली दुर्गंध के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है, हालांकि नगर निगम ने जल्द ही इस समस्या से पूरी तरह मुक्ति दिलाने का दावा किया है।

दुर्गंध से जूझ रहे प्रमुख कार्यालय और आम नागरिक

डंपिंग साइट के आसपास दुर्गंध इतनी अधिक फैल जाती है कि यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को भी गाड़ियों के शीशे बंद करके निकलना पड़ता है। इस क्षेत्र में विद्युत बोर्ड के चीफ इंजीनियर का कार्यालय, एचआरटीसी के डीएम व आरएम कार्यालय, वर्कशॉप, रोप-वे, बस स्टैंड, रेस्ट हाउस और कोतवाली बाजार व पेट्रोल पंप जैसे महत्वपूर्ण स्थान स्थित हैं, जहां कई बार गंभीर बदबू फैल जाती है।

लीगेसी कचरे का निपटान और दैनिक कचरा प्रबंधन

नगर निगम के अनुसार, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रोसेसिंग साइट पर वर्षों से जमा करीब एक लाख मीट्रिक टन पुराने लीगेसी कचरे में से 64,000 मीट्रिक टन से अधिक का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जा चुका है। इसके साथ ही, निगम रोजाना उत्पन्न होने वाले लगभग 20 से 25 मीट्रिक टन ताजे कचरे (10-12 मीट्रिक टन गीला और 12-14 मीट्रिक टन सूखा कचरा) का भी प्रबंधन कर रहा है, जो आयोजनों के दौरान बढ़कर 30 से 35 मीट्रिक टन तक पहुंच जाता है। इस दैनिक कचरे की प्रोसेसिंग 24 से 48 घंटों के भीतर पूरी की जाती है।

बायोगैस प्लांट, एमआरएफ सेंटर और हरियाली की पहल

नगर निगम कमिश्नर जफर इकबाल ने बताया कि गीले कचरे को बायोगैस प्लांट भेजा जा रहा है, जबकि सूखे कचरे की रीसाइक्लिंग के लिए दो मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) केंद्र सक्रिय हैं। पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उद्देश्य से एसडब्ल्यूएम साइट परिसर में 150 नए पौधे भी रोपे गए हैं। नगर निगम के इन प्रयासों से जल्द ही धर्मशाला को कूड़े के ढेरों से पूरी तरह मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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