Kangra News: हिमाचल प्रदेश के वरिष्ठ राजनीतिज्ञ और दो बार के कैबिनेट मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया का निधन हो गया है। 87 वर्ष की आयु में उन्होंने कांगड़ा जिले स्थित अपने पैतृक गांव त्यारा में अंतिम सांस ली। वह राज्य की राजनीति में एक कद्दावर चेहरा माने जाते थे।
मेजर विजय सिंह मनकोटिया हिमाचल प्रदेश में पांच बार विधायक रह चुके थे। वह कांगड़ा जिले की शाहपुर सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचते थे। अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने प्रदेश के टूरिज्म मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
मनकोटिया ने अपने जीवन में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों में काम किया था। साल 2024 में उन्होंने कांग्रेस पार्टी का हाथ छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली थी। राजनीति में उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय वीरभद्र सिंह के सबसे बड़े और धुर विरोधी नेताओं के रूप में पहचाना जाता था।
पूर्व मंत्री मनकोटिया मई 2007 में एक बहुचर्चित सीडी जारी करने के बाद देशभर में सुर्खियों में आ गए थे। उन्होंने 27 मई 2007 को एक ऑडियो सीडी सार्वजनिक की थी। उनका दावा था कि इसमें 1989 के दौरान हुए पैसों के लेन-देन की बातचीत रिकॉर्ड की गई थी।
इस ऑडियो रिकॉर्डिंग में पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और तत्कालीन डीसी महेंद्र सिंह के बीच बातचीत का आरोप लगा था। आरोप था कि दाड़लाघाट में सीमेंट प्लांट की मंजूरी देने में पद का दुरुपयोग हुआ था। हालांकि, बाद में अदालत ने वीरभद्र सिंह को केस से बरी कर दिया था।