Shimla News: हिमाचल प्रदेश के 150 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अब शिक्षकों को दिन में तीन बार अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। लापरवाही बरतने पर सीधे वेतन काटा जाएगा।
नई व्यवस्था के अनुसार शिक्षकों को स्कूल आगमन, लंच ब्रेक और छुट्टी के समय उपस्थिति दर्ज करानी होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कदम से स्कूलों के भीतर अनुशासन और निगरानी तंत्र मजबूत होगा। इसके साथ ही इन सभी स्कूलों में शिक्षक और विद्यार्थियों के लिए अलग ड्रेस कोड तय होगा।
शिक्षकों को वर्दी के लिए मिलेंगे 5000 रुपये, ड्रेस कोड जल्द
शिक्षकों के लिए तय किया जाने वाला ड्रेस कोड एक अक्टूबर से अनिवार्य रूप से लागू होगा। परिधान खरीदने के लिए सरकार प्रत्येक शिक्षक को एकमुश्त 5,000 रुपये की वित्तीय मदद देगी। शिक्षकों के ड्रेस कोड पर निर्णय दो सितंबर को होगा, जबकि विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म पर फैसला हफ्ते भर में आएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन विशेष स्कूलों में 1,200 शिक्षकों की तैनाती हो चुकी है और जल्द नई भर्तियां होंगी। सरकार इन स्कूलों में सुविधाएं सुधारने के लिए 80 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट देगी। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर, महाधिवक्ता अनूप रतन और शिक्षा सचिव राकेश कंवर मौजूद रहे।
वीएसके पोर्टल पर हाजिरी नहीं तो कटेगा वेतन, सिस्टम हुआ लिंक
शिक्षा निदेशालय ने विद्या समीक्षा केंद्र यानी वीएसके स्विफ्ट चैट पोर्टल की हाजिरी को ई-सैलरी सिस्टम से जोड़ने के आदेश दिए हैं। उपनिदेशकों को साफ कहा गया है कि शिक्षकों के वेतन बिल पोर्टल की हाजिरी देखकर ही बनाएं। पोर्टल पर दर्ज उपस्थिति सत्यापित न होने पर संबंधित दिनों का वेतन कटेगा।
राज्य के आम सरकारी दफ्तरों में कर्मियों के लिए पहले से ही औपचारिक ड्रेस कोड लागू है। पुरुषों के लिए पैंट-शर्ट और महिलाओं के लिए साड़ी, सूट या फॉर्मल कपड़े तय हैं। दफ्तरों में जींस, टी-शर्ट और पार्टी वियर पहनने पर रोक है। नियमों की अनदेखी करने पर विभागीय कार्रवाई की जाती है।