Shimla News: हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। राज्य में 117 प्रमुख सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं। इसके अलावा 141 बिजली के ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। स्थानीय मौसम केंद्र ने कांगड़ा और सिरमौर जिले में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
बारिश के कारण राज्य भर में पेयजल से जुड़ी 51 योजनाएं भी ठप पड़ गई हैं। इससे स्थानीय लोगों को पीने के पानी की भारी किल्लत झेलनी पड़ रही है। मौसम विभाग का कहना है कि निचले और मध्य पहाड़ी इलाकों में 6 सितंबर तक मौसम खराब रहेगा और कुछ स्थानों पर तेज बारिश जारी रह सकती है।
मानसून सीजन में अब तक 107 लोगों की मौत
अधिकारियों के मुताबिक 30 जून से शुरू हुए मानसून सीजन के बाद से अब तक 107 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य को बारिश और भूस्खलन से करीब 1,202 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। पहाड़ी रास्तों पर मलबा गिरने से यातायात बुरी तरह चरमरा गया है और राहत कार्य लगातार जारी है।
सड़क बंद होने के मामले में मंडी जिला सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है, जहां 47 सड़कें बंद हैं। इसके बाद शिमला में 30 और कुल्लू में 22 सड़कें ठप हैं। कांगड़ा में सात, सिरमौर और ऊना में चार-चार, लाहौल-स्पीति में दो और सोलन में एक सड़क पर ट्रैफिक पूरी तरह से रुका हुआ है।
नैना देवी में सबसे अधिक 186 मिमी बारिश दर्ज
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार नैना देवी में सबसे ज्यादा 186.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा कसौली में 102 मिमी, नगरोटा सूरियां में 98.2 मिमी, कांगड़ा में 69 मिमी और शिमला में 42.8 मिमी पानी बरसा है। ऊंचे पहाड़ी इलाकों में 8 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर बना रहेगा।
राज्य में 1 जून से 2 सितंबर तक सामान्य बारिश से 8 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। लाहौल-स्पीति जिले में सामान्य से 60 प्रतिशत कम पानी बरसा है। वहीं दूसरी तरफ राजधानी शिमला में 16 प्रतिशत और कुल्लू व बिलासपुर में 13-13 प्रतिशत ज्यादा बारिश इस सीजन में दर्ज की गई है।