Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य मंत्रिमंडल के जल्द विस्तार के साफ संकेत दिए हैं। इसके साथ ही वर्तमान मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी पूरी तैयारी है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में सुगबुगाहट तेज हो गई है।
सोमवार को सचिवालय में संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस बात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य में मंत्रिमंडल का विस्तार बहुत जल्द किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंत्रिमंडल विस्तार के साथ ही कुछ मंत्रियों के मौजूदा विभागों को भी बदला जाएगा।
इसी दौरान किशाऊ बांध समझौते पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कोई हस्तक्षेप नहीं था। कांग्रेस सरकार ने राज्य के हितों की पूरी सुरक्षा करते हुए यह ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। प्रदेश सरकार ने अपने अधिकारों से कोई समझौता नहीं किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व जयराम ठाकुर सरकार द्वारा किए गए समझौते को वर्तमान सरकार ने साफ खारिज कर दिया था। मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर फैसला लिया था कि राज्य की बहुमूल्य संपदा को किसी भी कीमत पर लुटने नहीं दिया जाएगा और प्रदेश हित सर्वोपरि रहेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किशाऊ बांध समझौते को अंतिम रूप देने से पहले चार अहम बैठकें आयोजित की गई थीं। केंद्रीय जल संसाधन मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी मौजूद रहे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान उत्तराखंड की अनुचित शर्तों को बिल्कुल स्वीकार नहीं किया गया।
प्रदेश सरकार ने बातचीत में अपना पक्ष बेहद मजबूती के साथ रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर मुख्यमंत्री होते, तो उत्तराखंड के साथ समझौता होने की स्थिति में राज्य को भारी नुकसान उठाना पड़ता। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेता इस मुद्दे पर गलत तथ्य पेश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना अगले पांच वर्षों में पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगी। इसके शुरू होने से हिमाचल प्रदेश को हर साल 1200 से 1500 करोड़ रुपये का बड़ा वित्तीय लाभ होगा। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और विकास कार्य तेजी से होंगे।