कांगड़ा के बड़ा भंगाल में भारी बर्फबारी के बीच पांच ट्रैकर लापता, प्रशासन ने शुरू किया बड़े पैमाने पर रेस्क्यू अभियान

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Kangra News: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में अति दुर्गम बड़ा भंगाल घाटी की तरफ गए पांच ट्रैकर अचानक लापता हो गए हैं। पांचों ट्रैकर बीड़ से राजगुंधा होते हुए आगे बढ़े थे, जिसके बाद इलाके में भारी बर्फबारी और खराब मौसम के चलते उनका संपर्क कट गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन रेस्क्यू टीमों के साथ पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।

लापता हुए पांचों ट्रैकरों में अंकुर मालानी, सत्यम साबू, पवन, श्याम आर. और तरुण राठी शामिल हैं। इन सभी की उम्र 28 से 35 वर्ष के बीच है। जिला प्रशासन के पास पांचों के नाम की पुष्टि हो चुकी है, हालांकि वे कहां के मूल निवासी हैं, इसके बारे में पूरी जानकारी जुटाई जा रही है।

पिछले 12 घंटों से पांचों ट्रैकरों से किसी तरह का संपर्क नहीं हो पाया है। देर रात जिला आपदा सेल को इस घटना की सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद बीड़-बिलिंग क्षेत्र में रेस्क्यू टीमों को सतर्क कर दिया गया। आज सुबह से ही बचाव दल लापता लोगों की तलाश के लिए संभावित इलाकों की तरफ रवाना हो गए हैं।

शुरुआती आशंका जताई जा रही है कि पांचों ट्रैकर राजगुंधा, थमसर पास या थमसर ग्लेशियर के पास कहीं फंसे हो सकते हैं। छह और सात अक्तूबर को क्षेत्र में हुई भारी बर्फबारी के कारण उन्हें आगे बढ़ने में दिक्कत आई होगी। विशेषज्ञों के मुताबिक, मौसम बिगड़ने पर बर्फबारी के बीच किसी सुरक्षित स्थान पर रुक जाना ही संभव है।

उम्मीद है कि बर्फबारी और खराब मौसम की वजह से वे आगे या पीछे नहीं बढ़ पा रहे होंगे। हालांकि, रेस्क्यू टीमों के मौके पर पहुंचने के बाद ही वास्तविक स्थिति का सही अंदाजा लग सकेगा। फिलहाल बीड़, राजगुंधा और बड़ा भंगाल की दिशा में गहन तलाश अभियान चलाया जा रहा है।

बैजनाथ क्षेत्र में धौलाधार की ऊंची पहाड़ियों के बीच बसा बड़ा भंगाल बेहद कठिन और दुर्गम इलाका है। यहां पहुंचने के लिए करीब तीन दिन का जोखिम भरा पैदल सफर तय करना पड़ता है। रास्ते में थमसर पास जैसे बर्फीले क्षेत्र आते हैं, जहां मौसम बदलते ही परिस्थितियां काफी चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं।

यह क्षेत्र रावी नदी के उद्गम स्थल से भी जुड़ा हुआ है। सीमित संचार सुविधाओं और कठिन भौगोलिक स्थिति के कारण यहां आपातकालीन रेस्क्यू अभियान चलाना काफी कठिन माना जाता है। फिलहाल जिला प्रशासन और रेस्क्यू टीमों की प्राथमिकता सभी पांचों ट्रैकरों का पता लगाकर उन्हें जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालना है।

Mohit
Mohit
पत्रकारिता के क्षेत्र में 9 सालों का अनुभव।

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