Chamba News: पवित्र श्री मणिमहेश यात्रा के दौरान बीते 48 घंटों में दो श्रद्धालुओं की आकस्मिक मौत हो गई। मंगलवार को अंबाला के श्रद्धालु की दिल का दौरा पड़ने से जान गई थी। इसके बाद बुधवार को गौरीकुंड में लंगर सेवा दे रहे पंजाब के 51 वर्षीय सुच्चा सिंह की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई।
गौरीकुंड में लंगर सेवा में जुटे पंजाब के गुरदासपुर जिले के निवासी सुच्चा सिंह सैनी की तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने शव को भरमौर पहुंचाया। सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
अंबाला के श्रद्धालु की भी बिगड़ी थी तबीयत
इससे पहले मंगलवार को अंबाला के फतेहगढ़ निवासी 55 वर्षीय श्रद्धालु की भी अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हुई थी। उन्हें तुरंत मेडिकल सहायता दी गई, लेकिन बचाया नहीं जा सका। परिजनों के मुताबिक उनका पहले भी हृदय रोग का उपचार हुआ था और दिल में स्टेंट डला हुआ था।
चंबा के एसपी विजय कुमार सकलानी ने बताया कि भरमौर पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले में आवश्यक प्रशासनिक कदम उठा रही है। लगातार हो रही मौतों के बाद प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं।
कठिन चढ़ाई को लेकर प्रशासन की सख्त एडवायजरी
एडीएम भरमौर विकास शर्मा ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे मेडिकल जांच के बाद ही यात्रा शुरू करें। मणिमहेश का पैदल मार्ग बेहद दुर्गम और ऊंचाई पर स्थित है। हृदय रोग, हाई बीपी और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को डॉक्टरी सलाह के बिना यात्रा करने से पूरी तरह बचना चाहिए।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं को शरीर में पानी की कमी न होने देने की सलाह दी है। इसके साथ ही सीने में दर्द, सांस फूलने या चक्कर आने पर तुरंत नजदीकी मेडिकल कैंप से संपर्क करने को कहा गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा नियमों का पालन करके ही इस कठिन यात्रा को सुरक्षित बनाया जा सकता है।