Bilaspur News: हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री राम लाल ठाकुर की चुनावी याचिका को खारिज कर दिया है। ठाकुर ने नैना देवी विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक रणधीर शर्मा के चुनाव को कानूनी तौर पर चुनौती दी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।
कांग्रेस नेता ने 2022 के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद वोटों की गिनती, पोस्टल बैलेट और कथित नियमों की अनदेखी को लेकर याचिका दाखिल की थी। मामले की सुनवाई के दौरान विधायक रणधीर शर्मा की तरफ से याचिका में कानूनी कमियों और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के नियमों का पालन न करने पर कड़ी आपत्ति जताई गई।
हलफनामे में कानूनी नियमों की अनदेखी बनी वजह
अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता का हलफनामा जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 83(1) और चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 94-ए के फॉर्म 25 के अनुसार नहीं था। पूर्व में हाईकोर्ट ने उन्हें नया हलफनामा दाखिल करने का समय दिया था, लेकिन दोबारा जमा हलफनामा भी कानूनी मानकों पर खरा नहीं उतरा।
हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तय प्रक्रिया और निर्देशों का पालन न होने पर याचिका को निरस्त कर दिया। इसके साथ ही इस मामले से जुड़े सभी लंबित आवेदनों का भी निपटारा कर दिया गया। अदालत के इस फैसले से नैना देवी से बीजेपी विधायक को बड़ी कानूनी राहत मिली है।