Lucknow News: आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों के इलाज में लापरवाही और वित्तीय अनियमितताओं पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वर्ष 2020 से 2026 के बीच कुल 866 अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, कुल कार्रवाई में से 648 अस्पतालों को योजना से बाहर किया गया है। इसके अलावा 61 अस्पतालों को निलंबित किया गया, जबकि 17 अस्पतालों की विशेष चिकित्सा सुविधाओं की मान्यता समाप्त कर दी गई है।
वर्ष 2026 में 318 अस्पतालों पर गिरी कार्रवाई की गाज
सीईओ ने बताया कि तय मानकों का पालन न करने वाले अस्पतालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। अकेले वर्ष 2026 में अब तक 318 अस्पतालों पर एक्शन हुआ है। केंद्र सरकार के 35 संकेतकों पर खरा न उतरने के कारण 242 अस्पताल योजना से बाहर कर दिए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 को मिलाकर अस्पतालों पर कुल 8.53 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई गई है। इस जुर्माने में से 4.37 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली पूरी हो चुकी है। दोषी पाए गए 140 अस्पतालों पर भारी जुर्माना लगाया गया है।
डेटा विश्लेषण से पकड़ी जा रही अस्पतालों की धांधली
स्टेट एंटी फ्रॉड यूनिट डेटा विश्लेषण के जरिए संदिग्ध मामलों की गहन जांच कर रही है। फर्जीवाड़े में एक ही मरीज को बार-बार भर्ती दिखाने और ओपीडी के मरीजों को आईपीडी में दर्ज करने जैसी अनियमितताएं शामिल हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों को सीधे निलंबित किया जाएगा।