Shimla News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के मेडिकल कॉलेजों में डॉक्टरों की भर्ती के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब एम्स दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ से पीजी करने वाले डॉक्टरों को सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर स्पेशलिस्ट के पदों पर बिना परीक्षा सीधे मेरिट के आधार पर नौकरी दी जाएगी।
राज्य सरकार ने इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी-2025 में संशोधन किया है। स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 13 अक्टूबर 2026 को इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी की। नए नियमों के तहत इन डॉक्टरों को अब किसी तरह की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू से नहीं गुजरना होगा।
हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल की तरफ से पॉलिसी में नया क्लॉज 7.3.8 जोड़ने की मंजूरी मिल चुकी है। यह नीति सबसे पहले 10 अक्टूबर 2025 को लागू की गई थी। इसके बाद समय-समय पर इसमें जरूरी सुधार किए जाते रहे हैं। अब संशोधित नियमों के जरिए दोनों प्रमुख संस्थानों के डॉक्टरों को प्राथमिकता दी गई है।
रेजिडेंट डॉक्टर्स पॉलिसी 2025 में नया क्लॉज शामिल
अधिसूचना में साफ किया गया है कि सीधी भर्ती के लिए तय 33.33 प्रतिशत कोटे के तहत ही यह छूट दी जाएगी। इस कोटे का जिक्र विभाग ने 31 जनवरी 2026 के अपने आदेश में किया था। इसका मतलब है कि एम्स और पीजीआई के योग्य डॉक्टरों को तय कोटे के अंदर ही मेरिट पर सीधे चुना जाएगा।
विभाग का कहना है कि यह फैसला पूरी तरह से जनता के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है। हालांकि, अधिसूचना में कुल खाली पदों, आवेदन की आखिरी तारीख या कॉलेज के हिसाब से सीटों का ब्यौरा नहीं है। यह आदेश तुरंत नियुक्ति पत्र देने के बजाय केवल प्रक्रिया में सुधार को दर्शाता है।
