Jaipur News: राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर कड़ा एक्शन लिया है। विभाग ने निजी क्षेत्र के नीलकंठ फर्टिलिटी अस्पताल के अधीन संचालित 9 केंद्रों के पंजीकरण प्रमाण-पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। यह कार्रवाई सहायक प्रजनन तकनीक और सरोगेसी नियमों के तहत की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने बताया कि सहायक प्रजनन तकनीक और सरोगेसी सेवाओं के नियमों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन मिलने पर यह सख्त कदम उठाया गया है। अस्पताल के एआरटी क्लीनिक, एआरटी बैंक और सरोगेसी क्लीनिक से जुड़े कुल 9 पंजीकरणों को आगामी आदेश तक पूरी तरह निलंबित रखा गया है।
विज्ञापन में नीले जूते दिखाने पर लगा लिंग चयन प्रचार का आरोप
प्रधान सचिव गायत्री राठौड़ के अनुसार, अस्पताल के प्रकाशित विज्ञापन में बच्चे के नीले रंग के जूते दिखाए गए थे। चूंकि नीला रंग लड़के से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इसे लिंग चयन सेवाओं के प्रचार का संकेत माना गया। देश में एआरटी कानून के तहत लिंग चयन पर पूर्ण प्रतिबंध है।
जयपुर समेत पांच अन्य जिलों में स्थित केंद्रों पर गिरी गाज
विभाग की इस कार्रवाई के तहत जयपुर में तीन केंद्रों के अलावा भीलवाड़ा, उदयपुर, कोटा, जोधपुर और अजमेर में एक-एक केंद्र के पंजीकरण निलंबित किए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य में सभी प्रजनन केंद्रों को कानूनी नियमों और नैतिक मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा।