Delhi News: डिलीवरी के बाद या अचानक वजन घटने और बढ़ने के कारण पेट, कमर और जांघों पर सफेद लकीरें दिखने लगती हैं। इन निशानों को स्ट्रेच मार्क्स कहा जाता है, जो त्वचा के खींचने की वजह से बनते हैं।
हल्के निशान तो आसानी से छिप जाते हैं, लेकिन गहरे दाग साफ दिखाई देने लगते हैं। इस वजह से कई महिलाएं अपनी पसंदीदा ड्रेसेस या साड़ी पहनने में कतराती हैं और हमेशा इन निशानों को छिपाने की कोशिश करती रहती हैं।
शरीर पर क्यों पड़ जाते हैं स्ट्रेच मार्क्स?
शरीर में कोर्टिसोल जैसे हार्मोन का स्तर बढ़ने से त्वचा की लोच पर असर पड़ता है। वजन बढ़ने या गर्भावस्था के दौरान त्वचा तेजी से फैलती है। इस वजह से पेट और स्तनों पर लंबे और सफेद जिद्दी निशान बन जाते हैं।
शुरुआत में ये निशान हल्के लाल या गुलाबी रंग के होते हैं, लेकिन समय बीतने के साथ ये गहरे और पतली सफेद लकीरों में बदल जाते हैं। इन्हें पूरी तरह मिटाना थोड़ा मुश्किल काम होता है।
महंगी क्रीम के बजाय अपनाएं यह घरेलू नुस्खा
स्ट्रेच मार्क्स के निशानों को हटाने के लिए लोग अक्सर बाज़ार में मिलने वाली महंगी क्रीमों का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, इन क्रीमों से कई बार मनचाहा परिणाम नहीं मिलता और पैसे भी काफी ज़्यादा खर्च हो जाते हैं।
इस समस्या से निजात पाने के लिए आप नानी मां का बताया बेहद आसान और असरदार घरेलू उपाय आजमा सकते हैं। इसके लिए आपको बाजार से कोई महंगी चीज खरीदने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं पड़ेगी।
नारियल तेल में मिलाकर लगाएं ये दो चीज़ें
इस आसान पेस्ट को बनाने के लिए एक चम्मच शुद्ध नारियल तेल लें। इसमें एक चम्मच ताजा एलोवेरा जेल और दो विटामिन ई कैप्सूल का जेल अच्छी तरह मिलाएं। इस पेस्ट को रात में सोने से पहले मार्क्स पर लगाएं।
इस पेस्ट को लगाकर रातभर के लिए छोड़ दें। अच्छे और बेहतर परिणाम के लिए आपको यह उपाय लगभग तीन से चार महीने तक रोजाना अपनाना होगा। नियमित इस्तेमाल से धीरे-धीरे ये जिद्दी निशान हल्के होने लगेंगे।
जानिए त्वचा पर कैसे असर करता है यह नुस्खा
नारियल तेल में मौजूद फैटी एसिड त्वचा की नमी को बनाए रखते हैं और उसे गहराई से मॉइस्चराइज करते हैं। एलोवेरा जेल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को जरूरी हाइड्रेशन देने के साथ-साथ दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करते हैं।
इसके अलावा विटामिन ई कैप्सूल एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है। यह त्वचा को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है और त्वचा की लोच को दोबारा बेहतर बनाने में बेहद मददगार साबित होता है।