Kullu News: हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के बीच पीने के पानी के स्रोत दूषित होने से पीलिया का खतरा बढ़ गया है। दूषित जलापूर्ति के कारण कुल्लू और शिमला जिलों में पीलिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर है।
कुल्लू जिला मुख्यालय के गांधीनगर, शीशमाटी और अपर ढालपुर क्षेत्र में गंदा पानी पीने से लोग पीलिया की चपेट में आ रहे हैं। क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में बीते दो हफ्तों में 70 मरीज पहुंचे हैं। इनमें से 30 ठीक हो गए हैं, जबकि 15 बच्चों समेत 40 मरीजों का इलाज जारी है।
प्रशासनिक स्तर पर जांच और समीक्षा बैठक
मामले की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त कुल्लू अनुराग चंद्र शर्मा ने जल शक्ति और स्वास्थ्य विभाग के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल की तुरंत जांच कराने और पानी की गुणवत्ता सुधारने के कड़े निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक टीम प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रख रही है।
उधर शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज में रोजाना दो से तीन मरीज आ रहे हैं। बारिश से पाइपलाइनों में मटमैला पानी आ रहा है। अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में कतारें लग रही हैं। हालांकि अभी कोई क्लस्टर नहीं बना है, फिर भी आने वाले दिनों में मामले बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
पीलिया से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग के टिप्स
स्वास्थ्य विभाग ने मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा है और एडवाइजरी जारी की है। संक्रमण से बचने के लिए विशेषज्ञ कुछ आसान और जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं:
- हमेशा पानी को उबालकर या अच्छे से फिल्टर करके ही पिएं।
- खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं।
- हमेशा ताजा और ढका हुआ भोजन ही खाएं।
- बाहर का खुला, बासी और दूषित खाना खाने से परहेज करें।
- फलों और सब्जियों को पकाने या खाने से पहले साफ पानी से धोएं।