Health News: वायरस के हमलों के सामने बैक्टीरिया लाचार नहीं होते हैं। हाल ही में हुए वैज्ञानिक शोध में सामने आया है कि बैक्टीरिया के पास खुद का मजबूत सुरक्षा तंत्र मौजूद होता है। बैक्टीरिया वायरस से बचने के लिए खुद वायरस के ही बनाए हथियारों का इस्तेमाल करते हैं।
शोधकर्ताओं के मुताबिक वायरस हमले के दौरान एक खास एंजाइम बनाता है। यह एंजाइम बैक्टीरिया के सेंसर प्रोटीन को काट देता है। प्रोटीन के कटते ही बैक्टीरिया के अंदर ऐसी प्रक्रिया शुरू होती है, जिससे वह खुद को खत्म कर वायरस का प्रसार तुरंत रोक देता है।
सुपरबग्स के खिलाफ नई थेरेपी की उम्मीद
साइंस पत्रिका साइंसडेली के अनुसार यह खोज चिकित्सा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो सकती है। वैज्ञानिक अब संक्रमण के इलाज के लिए बैक्टीरियोफेज की ओर रुख कर रहे हैं। इससे दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया यानी सुपरबग्स से निपटने के लिए असरदार फेज थेरेपी तैयार करने में मदद मिलेगी।
इस नई चिकित्सा पद्धति की सबसे खास बात यह है कि यह इंसानी शरीर के लिए पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है। बैक्टीरियोफेज केवल बैक्टीरिया को ही अपना शिकार बनाते हैं। ऐसे में इंसानी कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाए बिना खतरनाक रोगाणुओं को पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा।
प्राचीन प्रतिरक्षा प्रणाली के खुलेंगे नए राज
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस रिसर्च का दायरा सिर्फ नए इलाजों तक सीमित नहीं रहेगा। इससे जीवों की प्राचीन प्रतिरक्षा प्रणाली को समझने में काफी सहायता मिलेगी। इंसानी शरीर में मौजूद सुरक्षा तंत्र के विकास को लेकर भी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
