National News: केंद्र सरकार बदलती वैश्विक और क्षेत्रीय जरूरतों को देखते हुए राष्ट्रीय खनिज नीति 2019 की व्यापक समीक्षा करने जा रही है। इसके लिए खान मंत्रालय ने नौ सदस्यीय विशेष समिति बनाई है। यह समिति महत्वपूर्ण खनिजों, रीसाइक्लिंग और गहरे समुद्र में मौजूद खनिज संसाधनों के दोहन पर केंद्रित बदलावों की रूपरेखा तैयार करेगी।
नौ सदस्यीय समिति दो महीने में सौंपेगी अपनी रिपोर्ट
खान मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव की अध्यक्षता में गठित यह समिति मौजूदा नीति के सभी प्रावधानों का बारीकी से अध्ययन करेगी। समिति को गठन की तारीख से दो महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपने का निर्देश मिला है। पैनल उन सभी बिंदुओं की पहचान करेगा जिनमें आज के परिदृश्य के अनुसार संशोधन जरूरी हैं।
पारदर्शिता और सतत विकास पर रहेगा मुख्य जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने साल 2019 में इस नीति को मंजूरी दी थी। इसका प्राथमिक उद्देश्य खनन क्षेत्र के बेहतर नियमन के साथ-साथ टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना था। इसके अलावा परियोजना प्रभावित आदिवासी इलाकों और स्थानीय समुदायों के हितों की रक्षा करना भी नीति का अहम हिस्सा रहा है।
आगामी बदलावों से देश में पारदर्शी व्यवस्था, नियमों का सख्त पालन और आर्थिक वृद्धि के बीच संतुलन साधने की तैयारी है। नए प्रावधानों के जरिए भविष्य के उद्योगों के लिए जरूरी क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक खनन तकनीकों को बढ़ावा देकर भारतीय खनिज क्षेत्र को अधिक व्यावहारिक और मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
