27 सालों से दीवाली का एंथम बना है ‘सूर्यवंशम’ का यह कल्ट सॉन्ग, कुमार सानू की आवाज के बिना अधूरा है त्योहार

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Entertainment News: दीवाली के पावन पर्व का उल्लास फिल्मी तरानों के बिना अधूरा माना जाता है। ऐसे में साल 1999 में रिलीज हुई अमिताभ बच्चन स्टारर कल्ट क्लासिक फिल्म ‘सूर्यवंशम’ का लोकप्रिय गीत ‘कोरे-कोरे सपने मेरे…’ पिछले 27 वर्षों से हर दीवाली पर दर्शकों और संगीत प्रेमियों की पहली पसंद बनकर बजता आ रहा है।

दीपोत्सव के खास मौके पर बॉलीवुड के कई सदाबहार गीतों की गूंज सुनाई देती है, लेकिन फिल्म ‘सूर्यवंशम’ का गाना ‘कोरे-कोरे सपने मेरे…’ आज भी दीवाली सेलिब्रेशन के लिए एक अनौपचारिक एंथम बना हुआ है। टेलीविजन पर सर्वाधिक बार प्रसारित होने वाली इस प्रतिष्ठित फिल्म को रिलीज हुए लगभग 27 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसके इस गीत की चमक आज भी बरकरार है।

कुमार सानू और अनुराधा पौडवाल की जुगलबंदी

फिल्म ‘सूर्यवंशम’ में यह खूबसूरत गीत दो अलग-अलग वर्जन में शामिल किया गया था। गाने के मेल वर्जन को हिंदी सिनेमा के दिग्गज पार्श्व गायक कुमार सानू ने अपनी सुरीली आवाज से सजाया है, जबकि फीमेल वर्जन को लोकप्रिय गायिका अनुराधा पौडवाल ने गाया है। गाने के दृश्यों में दीवाली के त्योहार और दीपों के उत्सव की बेहद मनमोहक झलक प्रस्तुत की गई है, जिसके चलते हर साल इस पर्व पर लोग इसे बार-बार सुनते हैं।

अमिताभ बच्चन और सौंदर्या पर हुआ था फिल्मांकन

यह गीत महानायक अमिताभ बच्चन और दिवंगत अभिनेत्री सौंदर्या पर खूबसूरती से फिल्माया गया था। दोनों कलाकारों की सहज केमिस्ट्री और गाने का पारिवारिक माहौल इसे हर उम्र के श्रोताओं के बीच लोकप्रिय बनाता है। यही कारण है कि बदलते दौर और नए गानों के आने के बावजूद इस कल्ट गीत का आकर्षण कम नहीं हुआ है।

समीर अनजान और अनु मलिक की जोड़ी ने रचा था संगीत

गाने की निरंतर सफलता का श्रेय इसके पीछे की दिग्गज जोड़ी को भी जाता है। इस सदाबहार गीत के भावुक और अर्थपूर्ण बोल जाने-माने गीतकार समीर अनजान ने लिखे थे, जबकि इसका कर्णप्रिय और मधुर संगीत मशहूर संगीतकार अनु मलिक द्वारा तैयार किया गया था। संगीत, बोल और गायकी के इसी बेहतरीन संगम ने इसे पीढ़ियों तक सुना जाने वाला यादगार दीवाली गीत बना दिया है।

Desh Raj
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