New Delhi News: उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा मंच से लगाए गए आरोपों के बाद प्रसिद्ध गायक दलेर मेहंदी ने पहली बार अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा कर मुश्किल समय में साथ खड़े रहने के लिए अपने भाई मीका सिंह, परिवार और प्रशंसकों का आभार व्यक्त किया।
पंजाबी और भारतीय संगीत जगत के जाने-माने गायक दलेर मेहंदी ने उत्तराखंड में एक कार्यक्रम के दौरान हुए विवाद पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। हाल ही में उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने एक सार्वजनिक मंच से दलेर मेहंदी पर नशे की हालत में प्रस्तुति देने का आरोप लगाते हुए फटकार लगाई थी। घटना के बाद संगीत उद्योग और प्रशंसकों की ओर से दलेर मेहंदी के समर्थन में आवाज उठाई गई थी। अब गायक ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत संदेश साझा कर सभी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की है।
मुश्किल समय में परिवार और भाई मीका सिंह बने संबल
दलेर मेहंदी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि कठिन समय में परिवार, मित्रों और प्रशंसकों द्वारा दिए गए अटूट समर्थन ने उन्हें मानसिक संबल प्रदान किया। उन्होंने विशेष रूप से अपने छोटे भाई और गायक मीका सिंह का उल्लेख किया, जिन्होंने विवाद सामने आने के बाद सार्वजनिक मंचों पर उनका खुलकर बचाव किया था।
दलेर मेहंदी ने लिखा कि मीका ने जरूरत के वक्त एक मजबूत स्तंभ की तरह उनका साथ दिया और हौसला बढ़ाया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी पत्नी तरन, गुरदीप और बेटियों—रबाब, अजीत व प्रभजोत—के धैर्य और प्रेम का आभार जताया, जिनकी वजह से वह इस प्रतिकूल परिस्थिति में स्थिर रह सके।
प्रशंसकों और संगीत जगत के समर्थन को बताया जीवन की पूंजी
विवाद के दौरान प्रशंसकों की प्रतिक्रिया पर बात करते हुए दलेर मेहंदी ने कहा कि दशकों से उन्हें अपने संगीत के जरिए जनता का स्नेह मिलता रहा है, लेकिन हालिया घटनाक्रम के बाद जिस तरह लोगों ने उनके सम्मान की रक्षा के लिए आवाज उठाई, उसने उन्हें गहराई से प्रभावित किया।
उन्होंने कहा कि आमतौर पर किसी कलाकार के योगदान का सही मूल्यांकन उसके जाने के बाद किया जाता है, लेकिन वह स्वयं को भाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें अपने जीवनकाल में ही जनता का इतना गहरा भरोसा और सम्मान देखने को मिला।
दिवाली पर एकता और प्रेम का दिया संदेश
गायक ने अपने संदेश में ‘इक ओंकार’ का स्मरण करते हुए कहा कि इस कठिन अनुभव ने उन्हें प्रेम और एकजुटता का वास्तविक अर्थ समझाया है। उनके अनुसार, परिवार केवल रक्त संबंधों तक सीमित नहीं होता, बल्कि संकट के समय साथ खड़े होने वाले सभी लोग परिवार का हिस्सा होते हैं। उन्होंने सभी शुभचिंतकों को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लोगों के इस प्यार और अपनत्व को वह कभी नहीं भूल पाएंगे।