Mandi News: राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला चच्योट में मंगलवार को आपदा प्रबंधन पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान विद्यार्थियों और स्टाफ को प्राकृतिक आपदाओं से बचाव के जरूरी तौर-तरीके सिखाए गए। विशेषकर भूकंप जैसी आपात स्थिति में सुरक्षित रहने के उपाय बताए गए। स्कूल में सायरन बजते ही त्वरित निकासी का सफल अभ्यास हुआ।
स्कूल परिसर में सुबह ठीक 11 बजे अचानक आपातकालीन सायरन गूंज उठा। सायरन बजते ही पूरे विद्यालय में तुरंत अलर्ट जारी किया गया। शिक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को कक्षाओं से सुरक्षित निकाला। उन्हें बिना घबराए खुले मैदान में एकत्र किया गया। इस दौरान बच्चों को सुरक्षित निकासी के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए।
प्रधानाचार्या किरण चौधरी ने कहा, “आपदाएं कभी पूर्व सूचना देकर नहीं आतीं, लेकिन हमारी पूर्व तैयारी और सतर्कता ही हमारा सबसे बड़ा रक्षा कवच है।” उन्होंने बच्चों को बताया कि संकट में घबराहट सबसे बड़ी दुश्मन होती है। धैर्य और सूझबूझ से काम लेकर हम दूसरों की रक्षा कर सकते हैं। अन्य अध्यापकों ने भी महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
यह मॉक ड्रिल आपदा प्रबंधन के नोडल अधिकारी तेज सिंह की देखरेख में संपन्न हुई। उन्होंने कहा कि स्कूलों में ऐसे अभ्यास बहुत जरूरी हैं। इससे किसी भी आकस्मिक घटना में नुकसान को कम किया जा सकता है। इस पूर्वाभ्यास में स्कूल के सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षक कर्मचारियों ने पूरे अनुशासन के साथ भाग लिया।
