स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने की नई पहल: रिटायर्ड शिक्षकों के साथ अब पूर्व अधिकारी भी पढ़ाएंगे बच्चे

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Patna News: माध्यमिक और उच्च माध्यमिक (जमा दो) विद्यालयों में विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे प्रमुख विषयों के शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ-साथ उच्च शैक्षिक योग्यता रखने वाले रिटायर अधिकारियों को भी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए जोड़ा जाएगा। उच्च स्तर पर इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिल चुकी है और जल्द ही संबंधित जिलों में इसकी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पटना। राज्य के माध्यमिक और जमा दो विद्यालयों में विज्ञान, अंग्रेजी और गणित जैसे विषयों के शिक्षकों की कमी से जूझ रहे विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने एक अनूठी पहल की है। विभाग पहले से ही इन विषयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं लेने पर काम कर रहा था, लेकिन अब इस दायरे को बढ़ाते हुए सेवानिवृत्त प्रशासनिक और अन्य उच्च अधिकारियों को भी अध्यापन कार्य से जोड़ने का निर्णय लिया गया है। उच्च स्तर पर इस व्यवस्था को हरी झंडी दे दी गई है।

इस नई व्यवस्था के तहत संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक (हेडमास्टर) अपने स्तर पर ऐसे सेवानिवृत्त शिक्षकों से संपर्क करेंगे, जो अपने सेवाकाल के दौरान बेहतर शिक्षण के लिए क्षेत्र में जाने जाते रहे हैं। जिन स्कूलों में गणित, विज्ञान या अंग्रेजी के शिक्षकों के पद रिक्त हैं, वहां के प्रधानाध्यापक ऐसे रिटायर्ड शिक्षकों से सहमति पत्र प्राप्त करेंगे। इसके बाद प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) को भेजा जाएगा और विभागीय अनुमोदन मिलने के उपरांत उन्हें विधिवत अध्यापन कार्य सौंपा जाएगा।

गृह क्षेत्र लौटे रिटायर्ड अधिकारियों से संपर्क करेगा विभाग

योजना के दूसरे चरण में उच्च पदों से सेवानिवृत्त उन अधिकारियों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ा जाएगा, जो अवकाश प्राप्ति के बाद अपने गृह क्षेत्र में रह रहे हैं। अधिकारियों का मानना है कि कई ऐसे रिटायर्ड अधिकारी हैं जिनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि उत्कृष्ट है और वे समाज सेवा के रूप में अपना योगदान देना चाहते हैं।

शिक्षा विभाग के स्थानीय अधिकारी स्वयं ऐसे सेवानिवृत्त अधिकारियों से संपर्क कर उनसे स्कूलों में पढ़ाने का आग्रह करेंगे। इनमें से कई अधिकारी उन ग्रामीण और कस्बाई विद्यालयों में पढ़ाने के इच्छुक हैं, जहां से उन्होंने स्वयं आरंभिक शिक्षा प्राप्त की थी।

जिलों में सूची तैयार, मानदेय का भी हो सकता है प्रावधान

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सभी जिलों में ऐसे रिटायर्ड शिक्षकों और अधिकारियों की पहचान कर उनकी सूची तैयार की जा रही है जो स्वेच्छा से कक्षाओं में योगदान देना चाहते हैं। कई जिलों में अनुभवी शिक्षकों ने अपनी सहमति भी दे दी है।

अध्यापन कार्य के बदले इन अनुभवी शिक्षकों और अधिकारियों को विभाग द्वारा एक निर्धारित मानदेय अथवा नियत राशि उपलब्ध कराने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि नियमित रूप से कक्षाएं संचालित की जा सकें और बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।

Desh Raj
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